22 February 2019



राष्ट्रीय
पत्रकार की नैतिकता पर उठे सवाल
17-07-2012

गुवाहाटी। गुवाहाटी में सरेआम नाबालिग लड़की के साथ हुई बदसलूकी के मामले में शर्मसार हुए न्यूज लाइव चैनल के प्रमुख संपादक ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। एक सम्मेलन के दौरान चैनल के संपादक अतनु भुआं ने बताया कि इतनी बदनामी होने के बाद वह अब चैनल में नहीं रहना चाहते हैं।गौरतलब है कि सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग ने असम गए अपने दल की सदस्य अल्का लांबा को भी हटा दिया है। लांबा पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता का नाम सार्वजनिक कर दिया। यहां तक तो ठीक था लेकिन खुद असम सरकार ने यही गलती दोहरा डाली। उसने न केवल पीड़िता का नाम बल्कि उसका फोटो भी सार्वजनिक कर डाला।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलने आई पीड़िता के फोटो मीडिया के हवाले कर दिए। जब गलती का अहसास हुआ तो मीडिया से आग्रह किया गया कि वह इन्हें न छापे। भाजपा ने की निंदा पीड़िता की पहचान को उजागर करने पर भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा है कि ऐसे मामलों सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशानिर्देशों का यहां उल्लंघन किया गया है। इधर, लांबा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि लड़की का नाम पहले ही उजागर हो चुका था। कुल 12 गिरफ्तार, कलिता फरार इस बीच, 5 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब यह संख्या 12 हो गई हैं। मुख्य आरोपी अमरज्योति कलिता अभी भी फरार है। मामले में गुवाहाटी के शहर एसएसपी अपूर्व जीवन बरुआ का ट्रासफर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि इस घटना का मुख्य आरोपी कलिता भुवनेश्वर में है। उसको पकड़ने के लिए ओड़िशा सरकार और पुलिस से संपर्क किया गया है। पुलिस ने कलिता को पकड़वाने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।पत्रकार की नैतिकता पर सवाल असम के मुख्यमंत्री ने इस मामले में पत्रकार की नैतिकता पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी देने की उसकी सामाजिक जिम्मेदारी थी जो कि उसने नहीं निभाई। इस मसले पर असम पुलिस पत्रकार और कैमरामेन से भी पूछताछ करेगी। कहा जा रहा है कि मुख्य आरोपी कलिता उक्त पत्रकार का दोस्त है।उल्फा ने की निंदा प्रतिबंधित उग्रवादी गुट उल्फा ने भी इस घटना की निंदा की है। उल्फा ने कहा है कि इस घटना ने असम की जनता का सिर दुनिया के सामने शर्म से झुका दिया है। विधानसभा में हंगामा इस मसले पर विधानसभा में भी हंगामा हुआ। अध्यक्ष की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव को नामंजूर किए जाने के बाद एआईयूडीएफ, असम गण परिषद और भाजपा सदस्यों ने सदन की कार्रवाही का बहिष्कार किया। इस मसले में अब पीड़िता को मुआवजा दिए जाने की मांग भी उठ रही है। इस संबंध में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है सुप्रीम कोर्ट से आर्थिक मदद की अपील इंदौर के एक बुजुर्ग ने गुवाहाटी की घटना की पीड़ित लड़की को आर्थिक मदद के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है। सत्यपाल आनंद (82) ने पीड़ित लड़की को 27 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की अर्जी दी है। उनका कहना है कि असम सरकार देश के संविधान के अनुसार लड़की को सुरक्षा देने में विफल रही है।