17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सीरिया मुद्दे पर पश्चिमी देश कर रहे हैं ब्लैकमेल
17-07-2012

रूसी विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव ने आरोप लगाया है कि सीरिया मुद्दे पर पश्चिमी देश ब्लैकमेल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें धमकी दी गई है कि अगर रूस ने पश्चिमी देशों के प्रस्ताव का विरोध किया तो सीरिया से संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक हटा लिए जाएंगे। शांति दूत कोफी अन्नान मंगलवार को मॉस्को में रूसी नेताओं से बातचीत करने वाले हैं।
रूस के सीरिया से बेहद मजबूत रिश्ते हैं। वह सीरिया के खिलाफ कई प्रतिबंधों तथा अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप संबंधी प्रस्तावों को वीटो कर चुका है। उसने संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक मिशन पर भी अपना अलग प्रस्ताव दिया है। इसमें दमिश्क पर किसी प्रतिबंध का खतरा नहीं है। पर्यवेक्षक मिशन का कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो रहा है। लावरोव ने कहा कि ब्लैकमेल करना ठीक नहीं है। यह भी ठीक नहीं कि दबाव केवल राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार पर डाला जाए विपक्ष पर नहीं। ऐसा करने से हिंसा रुकेगी नहीं। समस्या का समाधान भी नहीं निकलेगा। रूस असद का समर्थन नहीं करता, लेकिन गलत बात भी नहीं मानेगा। लावरोव ने कहा यह कहना गलत है कि बशर रूस के समर्थन के कारण पद नहीं छोड़ रहे हैं। क्या है प्रस्ताव में : इस प्रस्ताव में सीरिया पर कड़े प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था है। इसे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस ने तैयार किया है। मोरक्को ने सीरियाई राजदूत को निकाला : मोरक्को ने सीरियाई जनता के आजादी के आह्वान के मद्देनजर रबत से सीरियाई राजदूत को निकाल दिया है। सोमवार को राजदूत नबीह इस्माइल को अवांछित व्यक्ति भी घोषित कर दिया। इससे पहले अफवाहें थीं कि इस्माइल बागियों से मिल गए हैं।