21 February 2019



प्रादेशिक
मध्यप्रदेश विधानसभा के दो विधायक बर्खास्त
18-07-2012

मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए मंगलवार का दिन जहां आसंदी के अपमान के लिए जाना जाएगा वहीं बुधवार को इस कांड की परिणति दो विधायक चौधरी राकेश चतुर्वेदी और डा.कल्पना परुलेकर की बर्खास्तगी के रूप में हुई। मध्यप्रदेश विधानसभा में सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्यमंत्री ने दोनों विधायकों की बर्खास्तगी का  प्रस्ताव पेश किया जिसे विधानसभा अध्यक्ष ईश्वर दास रोहाणी ने मंजूर कर लिया और सदन मे बहुमत के आधार पर पास कर दिया। उन्होने लगभग आधा दर्जन अन्य विधायकों पर भी कार्रवाई का मामला विशेषाधिकार समिति को भेजने की घोषणा की।  अध्यक्ष का यह फैसला सुनते ही विपक्षी सदस्यों के अलावा सत्ता पक्ष के सदस्य भी आपसी चर्चाओं में डूब गए। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है लेकिन 19 जुलाई को राष्ट्रपति के लिए मतदान होने के कारण उसने अपनी आगे की रणनीति को उजागर करने से इंकार कर दिया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेसी विधायक समूचे विपक्ष सहित इस्तीफा देकर सरकार पर दबाव बना सकते हैं। इतना ही नहीं अब दिलीप सूर्यवंशी तथा अन्य ठेकेदारों के मामले में कांग्रेस की रणनीति काफी आक्रामक हो सकती है अभी तक ड्रांइग रूम पोलिटिक्स तथा बयान बाजी तक सीमित कांग्रेसी नेता अब सड़क पर उतरकर बीजेपी के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकते हैं हालांकि विभिन्न गुटों में बंटी कांग्रेस ने इस बार विधानसभा में जिस तरह से एक जुटता का प्रदर्शन किया है उससे बीजेपी के नेता भी अंदरूनी तौर पर यह मान रहे हैं कि इस मामले में इतनी बड़ी कार्रवाई से कहीं कांग्रेस को जनता में सहानुभूति न मिल जाए और अभी तक जो जनता बीजेपी के गुणगान कर रही है वह स्थिति उलट जाए। इस मसले पर बीजेपी में भी ऊपरी स्तर पर विचार मंथन का दौर जारी है वहीं कांग्रेस में हाईकमान स्तर तक पूरा मामला पहुंच गया है सोनिया गांधी के यहां से आदेश मिलते ही सामूहिक स्तीफे के मामले में कांग्रेस विधायक फैसला ले सकते हैं।