19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाक की कोर्ट ने मुंबई हमले मामले पर चली नई चाल
18-07-2012

इस्लामाबाद। भारत सरकार ने जिस पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के लिए हरी झंडी दी है, उसी की न्यायपालिका मुंबई हमले के आरोपियों को न्याय के कठघरे में लाने से बचने के लिए नए-नए बहाने ढूंढ रही है। अब पाकिस्तान की रावलपिंडी कोर्ट ने इस मामले पर नई चाल चली है। आज मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उस पाकिस्तानी न्यायिक पैनल की रिपोर्टे अवैध है जो जांच पड़ताल के सिलसिले में भारत गया था। इसलिए उसे आरोपियों के खिलाफ सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।इस बारे में रावलपिंडी स्थित आतंक रोधी कोर्ट नंबर-एक के जज चौधरी हबीब-उर-रहमान ने अपने आदेश में कहा कि मार्च में भारत के दौरे पर गए न्यायिक पैनल की रिपोर्ट अवैध है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से रिपोर्ट व साक्ष्यों को केस की सुनवाई के दौरान स्वीकार नहीं किया जा सकता। लश्कर के कमांडर जकीउर रहमान लखवी के वकील ख्वाजा एच अहमद ने इस बात की जानकारी दी। लखवी उन सात आतंकियों में शामिल है जिसके खिलाफ मुंबई पर आतंकी हमला मामले के तहत पाकिस्तानी अदालत में सुनवाई हो रही है।अदालत से इस आधार पर रिपोर्ट को खारिज किया है कि पाकिस्तान के न्यायिक पैनल के अधिकारियों को इस हमले से जुड़े गवाहों के बयान लेने की इजाजत नहीं दी गई। इसलिए बिना किसी बयान और सुबूत के तैयार की गई पाकिस्तानी आयोग की रिपोर्ट कानूनी तौर पर वैध नहीं है।