19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
हक्कानी नेटवर्क नाटो सेनाओं के लिए खतरा
18-07-2012

वॉशिंगटन। पाकिस्तान के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में शुमार हक्कानी नेटवर्क पड़ोसी देश अफगानिस्तान में भी नाटो सेनाओं के लिए खतरा बना हुआ है। हक्कानी नेटवर्क को अफगानिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकी संगठन करार दे चुके अमेरिका की संसद अब ऐसे विधेयक को मंजूरी देने वाली है, जिसके बाद इसे विदेशी आतंकी संगठन [एफटीओ] घोषित किया जाएगा।अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के नेता एरिक केंटर ने कहा कि हक्कानी नेटवर्क टेरेरिस्ट डेजिग्नेशन एक्ट, 2011 पर बुधवार को विचार होगा। प्रस्तावित कानून में कहा गया है कि विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को हक्कानी को एफटीओ घोषित करना चाहिए।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पेट्रिक वेंट्रेल ने सोमवार को कहा था कि हक्कानी नेटवर्क को एफटीओ घोषित करने में थोड़ा समय लग सकता है। यह कानून काफी समय से लंबित है। अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों पर कांग्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जलालुद्दीन हक्कानी और उसका बेटा सिराजुद्दीन इस नेटवर्क को चला रहे हैं। इस आतंकी संगठन का गढ़ फाटा [संघ शासित कबाइली इलाके] में है। पूर्वी अफगानिस्तान की नाटो सेनाएं इस नेटवर्क को सबसे खतरनाक आतंकी संगठन मानती हैं।सितंबर, 2011 में सीनेट की सैन्य मामलों की समिति के समक्ष ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन ने कहा था कि हक्कानी नेटवर्क पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के मजबूत हाथ की तरह काम करता है। पिछले कुछ महीनों में अफगानिस्तान में मौजूद नाटो सेनाओं पर सभी हमलों में हक्कानी नेटवर्क का हाथ था। इसमें अमेरिकी दूतावास पर हमला भी शामिल है। 20 घंटे तक चले संघर्ष में 16 लोगों की मौत हुई थी। यूएन वाहन पर हमले में डॉक्टर घायल कराची। पाकिस्तान की वाणिज्यिक राजधानी कराची में अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने संयुक्त राष्ट्र के वाहन पर गोलियां चलाई। हमले में पाकिस्तान में पोलियो मिशन पर काम कर रहा एक डॉक्टर और ड्राइवर घायल हुआ है। डॉक्टर फॉस्टन घाना के निवासी है। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाले दो अफगानी युवा थे। तालिबान ने पोलियो कार्यक्रम को बंद करने की धमकी दी हुई है। आतंकी संगठन का कहना है कि जब तक अमेरिका ड्रोन हमले बंद नहीं करता, वे पोलियो कार्यक्रम नहीं चलने देंगे।