19 February 2019



खेलकूद
क्रिकेट एवं राजनीति के मैदान से विरोध के स्वर
18-07-2012

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज का मुहूर्त करीब पांच साल बाद फिर निकल आया है। मुंबई हमले के गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई में आनाकानी के बावजूद केंद्र सरकार ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) को पाकिस्तान के साथ तीन एकदिवसीय व दो टी-20 मैच आयोजित करने की हरी झंडी दे दी है। इस फैसले पर क्रिकेट एवं राजनीति के मैदान से विरोध के स्वर भी मुखर होने लगे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध बहाल करने का फैसला सोमवार को बीसीसीआइ की कार्यकारी समिति ने लिया। बोर्ड ने एक बयान में बताया कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को दिसंबर 2012 से जनवरी 2013 के बीच तीन एकदिवसीय व दो टी-20 मैचों की सीरीज खेलने के लिए आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। कोलकाता, चेन्नई और दिल्ली में एकदिवसीय जबकि बेंगलूर और अहमदाबाद में टी-20 के मुकाबले होंगे। बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य राजीव शुक्ला ने बताया कि किसी तीसरे देश में न खेलने पर बीसीसीआइ अडिग था। इसलिए पाकिस्तानी टीम को 22 दिसंबर को आने का न्योता भेजने का फैसला किया गया। पाकिस्तानी टीम भारत दौरे से इंग्लैंड टीम के लौटते ही यहां पहुंचेगी। पाकिस्तानी दौरे के लिए सिर्फ यही समय बचा था। शुक्ला के मुताबिक पी चिदंबरम ने गृह मंत्रालय की तरफ से इस सीरीज पर किसी तरह की आपत्ति न होने की बात कही है। हालांकि मंत्रालय ने इस निर्णय के प्रति कोई खास उत्साह नहीं दिखाया है। इतना ही नहीं विदेश मंत्रालय से भी हरी झंडी मिलने की जानकारी दी गई। यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय टीम के भी पाकिस्तान जाने की संभावना है? शुक्ला ने जवाब दिया कि जब तक वहां सुरक्षा हालात पुख्ता नहीं होंगे, भारतीय टीम के पाकिस्तान जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। भाजपा और शिवसेना के विरोध पर राजीव शुक्ला ने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली भी इस फैसले में भागीदार हैं और उन्होंने इस कदम का समर्थन किया है। जनता हमेशा भारत-पाकिस्तान के बीच मैच देखना चाहती है। राजनीतिक हालात से अलग पीसीबी और बीसीसीआइ के रिश्ते स्नेहपूर्ण रहे हैं। 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंध खत्म कर दिए गए थे। हाल के महीनों में पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड की ओर से बीसीसीआइ को तैयार करने की कई कोशिशें हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच नवंबर, 2007 में आखिरी सीरीज खेली गई थी, जिसमें भारत ने 3-2 से जीत दर्ज की थी। 2008 के बाद से दोनों टीमें विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप में आमने-सामने हो चुकी है। 30 मार्च 2011 को मोहाली में खेले गए विश्व-कप के सेमीफाइनल मैच में भी दोनों टीमें भिड़ीं थीं। इसे देखने के लिए दोनों देशों के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे। 2009 में पाकिस्तान के लाहौर में श्रीलंकाई टीम पर हुए हमले के बाद किसी भी टीम ने वहां का दौरा नहीं किया। पीसीबी को भारत के साथ क्रिकेट संबंध बहाल होने से माली हालत में भी सुधार का अनुमान है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बीसीसीआइ के फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि जब मुंबई हमले की जांच में पाकिस्तान सहयोग नहीं कर रहा है तो उसके साथ क्रिकेट संबंध बहाल करने की जल्दबाजी क्यों है। आगामी दिनों में भारतीय टीम काफी मैच खेलेगी। उन पर एक और सीरीज थोपने से दबाव बढ़ जाएगा। चार टेस्ट और दो टी-20 खेलने के बाद इंग्लैंड टीम छुट्टी मनाने स्वदेश लौटेगी और फिर पांच एकदिवसीय मैच खेलने के लिए 11 जनवरी को वापस भारत आएगी। इस अंतराल में ही पाकिस्तान दौरे से अपने खिलाड़ियों पर बोझ बढ़ जाएगा।