17 February 2019



प्रादेशिक
ब्रर्खास्त विधायकों के मामलें में कई पेंच बीजेपी भी उलझी
19-07-2012

मध्य प्रदेश विधानसभा में आसंदी का अपमान करने के आरोप में बर्खास्त किए गए कांग्रेस के दो विधायकों चौधरी राकेश सिंह तथा डा. कल्पना परुलेकर ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।  हाईकोर्ट ने इस मामले में तत्काल कोई राहत देने से इंकार कर दिया है। 23 जुलाई को इस मामले में सुनवाई होगी। इधर राज्य के कई बीजेपी नेता भी इन दोनों विधायकों के निंलंबन की सख्त कार्रवाई के बाद सकते में हैं। पूरे मामले में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले नेता अब बचाव की मुद्रा अपना रहेहैं। कई नेताओं को लगने लगा है कि यदि कांग्रेस दिलीप सूर्यवंशी तथा बीजेपी नेताओं के भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर गई तो खामख्वाह बीजेपी की बनी बनाई फिजा खराब होगी औ केंद्र से भी इस मामले में संबंध औऱ खराब हो सकते हैं। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने तो साफ कहा है कि राज्यपाल को विधानसभा की जो सीडी दिखाई गई है उसमें बीजेपी के उन मंत्रियों तथा विधायकों का दृश्य काट दिया गया जो कांग्रेस के विधायकों से उलझनेके लिए आसंदी पर चढ़ गए थे। उनका कहना है कि विधानसभा की अनएडिटेड सीड़ी राज्यपाल को दिखाई जाती तो नतीजा कुछ और होता और विधानसभा अध्यक्ष को उन मंत्रियों तथा बीजेपी विधायकों पर भी कार्रवाई करना चाहिए जो आसंदी पर चढ़े थे। इधर बीजेपी सरकार के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा परिसर में निष्कासित विधायकों की वापसी के बारे में संवाददाताओं से कहा कि भारतीय लोकतंत्र में सबकुछ संभव है। विधानसभाध्यक्ष के अधिकार असीमित होते हैं और दोनों विधायकों की बर्खास्तगी को निरस्त भी किया जा सकता है।