15 February 2019



राष्ट्रीय
मनी लांड्रिंग और आतंक से जुड़े कार्यो के लिए पैसा देने भी होगा आंतकी कार्य
20-07-2012

नई दिल्ली। केंद्र सरकार अनलाफुल एक्टिविटीज [प्रिवेंशन] एक्ट यानी यूए(पी)ए को संशोधित करने पर विचार कर रही है। मनी लांड्रिंग और आतंक से जुड़े कार्यो के लिए पैसा देने को भी आतंकी अपराध के जैसा घोषित करने पर गुरुवार को केंद्र सरकार विमर्श कर सकती है। गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई तो सभी संशोधनों को शामिल करते हुए आठ अगस्त से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में इस विधेयक को पेश किया जा सकता है। गैरकानूनी गतिविधियां निरोधक कानून यानी यूए[पी]ए में संशोधन के जरिए सरकार गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियां, मनी लांड्रिंग, आतंक का वित्त पोषण और नकली भारतीय मुद्रा के परिचालन पर रोक के लिए इसे और प्रभावी बनाना चाहती है। आतंकी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्ति का साथ देने वाले को दो साल की जगह पांच साल कैद की सजा होगी। इसमें ऐसी गतिविधियां जिनसे देश की आर्थिक सुरक्षा को खतरा हो और 'उच्च गुणवत्ता' वाली नकली भारतीय मुद्रा को छापकर या तस्करी के जरिए या वितरण करके देश की मौद्रिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को भी आतंकी कार्य में शामिल होगा। इससे आतंकी कार्य की परिभाषा व्यापक हो जाएगी। इस संशोधन के जरिए सरकार अदालतों को और अधिकार देने चाहती है ताकि वे ऐसे कार्य में लिप्त व्यक्ति की संपत्ति जब्त करे या अपराध के कारण जितनी संपत्ति का नुकसान पहुंचा, उतनी संपत्ति के बराबर दंड वसूल ले। यूए [पी] ए संशोधन विधेयक को पिछले साल 29 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था। इस विधेयक को 13 जनवरी, 2012 को गृह मंत्रालय की स्थायी समिति के पास भेजा गया था। बाद में इस पर राज्यों की राय मांगी गई। कुछ को छोड़कर अधिकांश राज्यों ने इसका समर्थन किया।