15 February 2019



राष्ट्रीय
संप्रग सरकार बड़े संकट में नजर आ रही है घिरती
20-07-2012

नई दिल्ली। संप्रग सरकार एक बार फिर बड़े संकट में घिरती नजर आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब ऐसी खबरे है कि पवार और उनके सहयोगी प्रफुल्ल पटेल ने सरकार में नम्बर दो के ओहदे को लेकर मंत्रिमंडल से इस्तीफे की पेशकश की है। मुलाकात के बाद प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि नंबर दो का मुद्दा बेवजह उछाला जा रहा है। पवार का कद इस पद से काफी ऊंचा है। गठबंधन की सरकार चलाने के लिए कई मुद्दों का हल निकलना जरूरी है। पवार ने सोनिया और मनमोहन दोनों के सामने ये मुद्दे रखे हैं। आगे की रणनीति तय करने के लिए एनसीपी की बैठक सोमवार को होगी। राकांपा सूत्रों ने कहा कि पवार गठबंधन के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए गांधी के 10 जनपथ स्थित निवास गए थे। मुलाकात लगभग आधा घंटे तक चली। इसके पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की पवार के आवास पर बैठक हुई। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री पवार और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री पटेल ने सम्भवत: अपने इस्तीफे गुरुवार देर शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास भेज दिए थे। लेकिन प्रधानमंत्री ने इस्तीफे स्वीकार नहीं किए। कांग्रेस-राकांपा के बीच इस दूरी का सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) पर असर पड़ सकता है, जिसमें पवार की पार्टी के नौ लोकसभा सदस्य शामिल है।सूत्रों ने कहा कि दोनों मंत्री शुक्रवार को अपने कार्यालय नहीं जाएंगे, लेकिन पार्टी संप्रग में बनी रहेगी।पार्टी प्रवक्ता डी.पी. त्रिपाठी ने कहा कि राकांपा, कांग्रेस के गठबंधन चलाने के तौर-तरीके से नाराज है। संकट के संकेत उसी समय सामने आ गए थे, जब पवार और पटेल ने गुरुवार शाम प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक का बहिष्कार कर दिया। पवार की नाराजगी का कारण यह बताया जा रहा है कि प्रणब मुखर्जी के सरकार से अलग होने के बाद पवार को नम्बर दो का ओहदा नहीं दिया गया। मंत्रिमंडल की बैठकों में मुखर्जी की कुर्सी प्रधानमंत्री की बगल में हुआ करती थी। पिछले सप्ताह हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुखर्जी वाली कुर्सी पर रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी बैठे हुए थे। इसका यह संकेत है की एंटनी की स्थिति सरकार में नम्बर दो की हो गई है। त्रिपाठी ने कहा कि राकांपा ने आठ वर्षो में पहली बार मंत्रिमंडल की बैठक का बहिष्कार किया है।