19 February 2019



खेलकूद
भारतीय मुक्केबाजी के लिए शानदार विकास की कहनी
21-07-2012

नई दिल्ली। रिकार्ड आठ मुक्केबाजों का लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना भारतीय मुक्केबाजी के शानदार विकास की कहनी बयां करता है लेकिन दल के मुख्य कोच गुरबक्श सिंह संधू का कहना है कि मुक्केबाजी के स्तर पर भारत में अभी भी काफी कुछ काम किया जाना बाकी है। संधू के मुताबिक विश्व शक्ति बनने के लिए भारत को जमीनी स्तर पर काम करना होगा।संधू ने कहा कि मैं 1993 से कोचिंग का काम कर रहा हूं और इस दौरान मैंने भारतीय मुक्केबाजी में चरणबद्ध विकास देखा है। इससे पहले कोई भी ओलंपिक के लिहाज से मुक्केबाजों पर ध्यान नहीं देता था लेकिन इन खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत से लोगों का विचार बदल दिया है।संधू ने कहा कि वह लंदन से लौटकर मुख्य कोच पद छोड़ देंगे लेकिन वह मानते है कि देश में इस खेल को लेकर जमीनी स्तर पर काम करना बाकी है।संधू ने कहा कि विश्व शक्ति बनने के लिए हमें कुछ बदलाव लाने होंगे। हमें अभ्यास का अपना तरीका बदलना होगा। हमें जमीनी स्तर पर अच्छे कोच चाहिए होंगे। हमें जिला स्तर से इस विकास यात्रा की शुरुआत करनी होगी।