19 February 2019



राष्ट्रीय
संगमा ने नहीं मानी हार
23-07-2012

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब मुखर्जी ने भले ही शानदार जीत हासिल कर ली हो, लेकिन उनके सामने चुनाव लड़ने वाले पीए संगमा ने अभी भी हार नहीं मानी है। संगमा के प्रतिनिधि उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रहे हैं। चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद संगमा के प्रतिनिधि सतपाल जैन ने कहा कि नामाकन पत्रों की जाच के दौरान उन्होंने जो कानूनी मुद्दे उठाए थे, वे अब भी कायम हैं। ऐसे में वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। जैन ने कहा कि अंतिम फैसला संगमा के लिए बनी चुनाव अभियान समिति को करना है। नियमानुसार परिणाम आने के 30 दिन के भीतर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है। अगले दो से तीन दिन में समिति की बैठक होगी और उसमें इस पर फैसला किया जाएगा। इससे पहले संगमा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू न होने की वजह से चुनाव के दौरान केंद्र सरकार ने वोट के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार को आर्थिक पैकेज दिए गए। कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को धमकिया भी दी गईं। देश ने एक आदिवासी को राष्ट्रपति चुनने का महान मौका खो दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया दलगत और सियासी थी। इसमें पैकेजों,लालच व धमकियों का इस्तेमाल किया गया। संगमा ने राष्ट्रपति व उप राष्ट्रपति के चुनाव में आचार संहिता बनाने की जरूरत का मुद्दा भी उठाया।