19 February 2019



राष्ट्रीय
अफजल गुरु की दया याचिका को खारिज करने की माग
23-07-2012

मुंबई। राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब मुखर्जी का साथ देने वाली शिवसेना ने अब प्रणब से संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की दया याचिका को खारिज करने की माग की है। अफजल को 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए हमले के मामले में 4 अगस्त 2005 को फासी की सजा सुनाई गई थी। इस हमले में 12 लोग मारे गए थे। शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखा है कि प्रणब मुखर्जी से हमारी बहुत सारी अपेक्षाएं नहीं हैं, लेकिन देश की संप्रभुता पर हमला करने वाले आतंकी को जिंदा रहने का हक नहीं है। संसद पर हमले के दोषी अफजल की दया याचिका लौटा दी जाए और उसे फासी पर लटका दिया जाए। संसद पर हमले को 11 साल हो गए, लेकिन अभी तक अफजल गुरू को फासी नहीं हो पाई है। इसकी वजह है उसकी दया याचिका पर कोई फैसला नहीं होना। गृह मंत्रालय ने चार अगस्त 2011 को अफजल की दया याचिका को राष्ट्रपति के पास भेज दिया था। प्रतिभा पाटिल तब से इस मामले को लटकाए हुए है। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के मुताबिर प्रतिभा पाटिल ने अफजल के बाद दी गई 13 याचिकाओं पर फैसला ले लिया। अब जब प्रतिभा पाटिल कार्यकाल खत्म हो रहा है,उन्होंने अफजल सहित 11 याचिकाओं को नए राष्ट्रपति के कार्यालय को भेज दिया है। प्रतिभा पाटिल ने अपने कार्यकाल में कुल 39 दया याचिकाओं का निपटारा किया। इनमें से 21 दया याचिकाओं को तो नवंबर 2009 से जून 2012 के बीच ही निपटा दिया।