19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
खेलों के महाकुंभ "ओलंपिक" में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद
24-07-2012

लंदन। शुक्रवार को शुरू होने वाले खेलों के महाकुंभ "ओलंपिक" में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने के लिए ब्रिटेन सरकार जमीन-आसमान एक करने की कोशिश कर रही है और शाही सेना से लेकर निजी सुरक्षकर्मियों तक की अभूतपूर्व तैनाती हो चुकी है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इन खेलों के दौरान अनिष्ट की आशंकाएं हर समय बनी रहेंगी। सामरिक मुद्दों पर विशेषज्ञता रखने वाले थिंक टैंकों का मानना है कि 2005 में लंदन को मेजबानी मिलने के तुरंत बाद शहर में हुए आत्मघाती हमलों ने इन खेलों के दौरान सुरक्षा के बारे में जो चिंताएं पैदा की, उन्हें आज भी कम कर नहीं आंका जा सकता है। हालांकि सुरक्षाकर्मी और आयोजक लगातार इन चिंताओं को खारिज करते आए हैं। लंदन स्थित थिंक टैंक एशिया, प्रशांत प्रतिष्ठान का कहना है कि अलकायदा से जुडे आतंककारियों के तमाम अलगअलग संगठनों, कुछ अन्य स्वतंत्र उपद्रवी गुटों, आयरिश रिपब्लिकन आर्मी के विद्रोही धड़ों और अराजक तत्वों से हमले और उत्पात की आशंका हमेशा बनी रहेगी।प्रतिष्ठान के अनुसार गत अगस्त में लंदन की सड़कों पर फैले क्षणिक दंगों की भी आशंका बनी हुई है। प्रतिष्ठान का कहना है कि ऎसे दंगों या अराजक स्थिति की कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है और इस कारण इन पर नियंत्रण काफी मुश्किल हो जाता है। गत वर्ष इन दंगों में करोड़ों पौंड की संपत्ति का नुकसान देश को भुगतना पड़ा था और कुछ अंतरराष्ट्रीय फुटबाल मैचों समेत कई खेल आयोजनों को रद्द करना पड़ा था।