19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
नरेंद्र मोदी पर टिक सकती है जापान के उद्योग जगत की निगाह
24-07-2012

टोक्यो. नरेंद्र मोदी इनदिनों जापान यात्रा पर हैं। जापान के अधिकारी मोदी पर भरोसा जाहिर कर रहे हैं कि वे जापानी निवेश के लिए अच्छा कारोबारी माहौल देंगे।  गुड़गांव के मानेसर में मारुति-सुजुकी प्लांट में हिंसा के बाद औद्योगिक सुरक्षा जापानी कारोबारियों के लिए पहली प्राथमिकता बन गई है। ऐसे में जापान के उद्योग जगत की निगाह नरेंद्र मोदी पर टिक सकती है। मोदी मारुति-सुजुकी को पहले ही गुजरात में प्लांट लगाने का न्योता दे चुके हैं।नरेंद्र मोदी को लेकर जापान के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार के कैबिनेट रैंक के मंत्री को दिए जाने वाले प्रोटोकॉल के तहत गुजरात के मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। गौरतलब है कि प्रोटोकॉल के तहत भारत के किसी राज्य के मुख्यमंत्री से केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को 'सीनियर' माना जाता है।रविवार को जापान पहुंचे मोदी तीन दिन में 44 कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वह जापान की सत्ता पर काबिज नेताओं के अलावा विपक्षी नेताओं से भी मिलेंगे। जापान के शीर्ष कारोबारियों से मिलने के अलावा मोदी टोक्यो से हमामत्सु और फिर हमामत्सु से नागोया की 350 किलोमीटर की यात्रा 'शिंकानसेन' बुलेट ट्रेन से पूरी करेंगे। इस यात्रा को पूरा करने में मोदी को 100 मिनट लगेंगे। इस ट्रेन में मोदी के सवार होने की खास वजह भी है। मोदी अहमदाबाद-सूरत-मुंबई-पुणे रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने पर विचार कर रहे हैं। इसके अलावा गुजरात सरकार जापानी अधिकारियों से गुजरात में दो जापानी इंडस्ट्रियल पार्क बनाने पर भी बात कर रही है। दोनों पार्क दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर का हिस्सा होंगे। अपनी यात्रा से पहले एक जापानी बिजनेस अखबार को दिए गए इंटरव्यू में मोदी ने कहा था कि गुजरात के विकास मॉडल को पूरे भारत में लागू किए जा सकता है। पूरे भारत में लोग बेहतर ज़िंदगी की तलाश में हैं। ऐसे में सिर्फ आर्थिक विकास ही लोगों की इस उम्मीद को पूरा कर सकता है। यह यात्रा मोदी के अंतरराष्ट्रीय कद को ऊंचा उठाती हुई दिख रही है, जो अमेरिका के उस रुख से उलट है, जो गुजरात में हुए 2002 के दंगे की वजह से मोदी को अमेरिका का वीजा नहीं देता है।