16 February 2019



राष्ट्रीय
चीन का दोहरा रवैया बढ़ा रहा है भारत की परेशानी
25-07-2012

नई दिल्ली। भारत को चीन से मुकाबले के लिए तैयार रहना चाहिए और उसे अपनी सैन्य तैयारियों को तेजी और मजबूती देनी होगी। भले ही चीन शांतिपूर्ण सहयोग की बात करता हो, परंतु उसका दोहरा रवैया भारत की परेशानी बढ़ा रहा है। चीन लगातार अपने लोगों के मन में भारत के खिलाफ जहर भर रहा है।राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बनी नरेश चंद्रा टास्क फोर्स ने भारत के प्रति चीन के दोहरे रवैये पर चिंता जताते हुए सेना को मजबूती प्रदान करने की सिफारिश की है।एक अखबार में प्रकाशित नरेश चंद्रा समिति की सिफारिशों में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की कोई जरूरत नहीं है। इसकी जगह तीनों सेनाओं के प्रमुखों की समिति से एक चेयरमैन चीफ ऑफ स्टाफ चुनने की सिफारिश भी इस समिति ने की है। सिफारिश मानी गई तो इस तरह से देश में चार चार सितारों वाले जनरल हो जाएंगे। समिति की सिफारिश के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा ढाचा तैयार किया जाना चाहिए जो इंटेलीजेंस और सैन्य गतिविधियों को साथ लेकर चलने वाला हो। समिति ने रक्षा फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया पर दोबारा विचार करने को भी कहा है। डीआरडीओ प्रमुख और रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार के पदों को अलग करने, रक्षा मंत्रालय में सेना के अधिकारियों की संयुक्त सचिव के स्तर तक नियुक्ति की बात भी समिति ने की है।वहीं, चीन भारत के प्रति अपने पूर्वाग्रह नहीं छोड़ रहा है और वह अपने लोगों को भारत के खिलाफ भड़का रहा है। हाल ही में भारतीय राजदूत की मौजूदगी में बीजिंग की एक आर्ट गैलरी में एक फिल्म दिखाई गई। जिसमें भारत और भारतीय लोकतंत्र का बेहद गंदा चित्रण किया गया है। इसमें गुजरात के दंगों को भी दिखाया गया है। भारत ने इस वीडियो पर आपत्ति जाहिर की है।