16 February 2019



राष्ट्रीय
एनडी तिवारी की सामने आई सच्चाई
27-07-2012

नई दिल्ली। आखिरकार एनडी तिवारी की सच्चाई सामने आ ही गई। दिल्ली हाई कोर्ट में तिवारी की डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और पता चल गया कि वह रोहित शेखर के असली पिता हैं। तिवारी ने कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए कहा, मैं विवादों से दूर रहना चाहता हूं और इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देना चाहता था। यह मेरा निजी मामला है। मुझे अपनी तरह जीने का हक है। मेरी सहानुभूति रोहित शेखर के साथ है।'रोहित शेखर के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए कहा, कोर्ट ने ऐलान किया है कि डीएनए रिपोर्ट के मुताबिक एनडी तिवारी ही रोहित शेखर के जैविक पिता हैं। इस मामले में अब संदेह की कोई गुंजाइश नहीं बची है। डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद एन डी तिवारी खुद मीडिया के सामने नहीं आए लेकिन उन्होंने दूत के जरिये एक संदेश जरूर भिजवाया। तिवारी ने अपने ओएसडी एडी भट्ट के माध्यम से प्रेस नोट भेजा। तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने ही लोगों ने बदनाम करने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची। लोगों ने प्रचार पाने के लिए यह सब किया है। वहीं रोहित शेखर की मां उज्जवला शर्मा का कहना है कि न्याय की लड़ाई में हमारी जीत हुई है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पितृत्व विवाद मामले में काग्रेस के वयोवृद्घ नेता एनडी तिवारी की अर्जी खारिज कर दी है। तिवारी ने डीएनए रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किए जाने की मांग को लेकर कोर्ट में अपील की थी। अब अदालत में सिंगल जज की बेंच के सामने यह रिपोर्ट पेश की गई। काफी ना नुकुर करने के बाद तिवारी अदालती आदेश के बाद अपना ब्लड सैंपल देने को तैयार हुए थे। अब यह स्पष्ट हो गया है कि रोहित शेखर का दावा सही है और तिवारी ही उसके पिता हैं। अपनी अपील में तिवारी ने अदालत से प्रतिष्ठा के अधिकार की रक्षा करने का आग्रह करते हुए तर्क दिया है कि एकल न्यायाधीश की पीठ ने याचिका पर फैसले के लिए छोटा रास्ता अपनाया है और इससे उनके साथ गंभीर अन्याय होगा।तिवारी ने 24 मई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि एकल न्यायाधीश यह नहीं समझ पाए कि एक दीवानी विवाद में उस समय अपीलकर्ता के प्रतिष्ठा के अधिकार की रक्षा करनी होगी, जब पक्षों की निर्विवाद स्थिति है और अपराध वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि रोहित शेखर और उसकी मा सुनवाई पूरी हुए बिना मीडिया का ध्यान खींचने की खातिर रिपोर्ट को खोलने और उसे सार्वजनिक करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।इधर, दिल्ली निवासी रोहित शेखर ने तिवारी के आग्रह पर आपत्ति जताई है। 2008 में पितृत्व याचिका दाखिल करने वाले रोहित शेखर का दावा है कि काग्रेस के वयोवृद्घ नेता उसके जैविक पिता हैं। तिवारी शेखर के दावे को नकारते हैं। हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर फिंगरप्रिंटिंग एंड डाइग्नोस्टिक्स ने तिवारी, रोहित शेखर और उसकी मा उज्जवला शर्मा की डीएनए रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में रखकर हाल ही में हाईकोर्ट को सौंपी है।