19 February 2019



खेलकूद
डोपिंग का साया से हिला खेल का महाकुम्भ
27-07-2012

लंदन। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी वाडा की तमाम कोशिशों के बावजूद खेलों के महाकुंभ ओलंपिक पर से डोपिंग का साया हट नहीं पा रहा और पिछले तीन दिनों में 11 एथलीटों पर वाडा द्वारा प्रतिबंध लगने के साथ ही चार एथलीटों के डोपिंग के कारण इन खेलों से बाहर होने की घटना ने पूरे खेल जगत को हिला दिया है।गुरूवार को दो एथलीटों के डोपिंग के कारण ओलंपिक से बाहर होने की खबर आयी जबकि एक एथलीट पहले ही इस कृत्य के लिए इस महाकुंभ से वंचित हो चुकी थी। ऊंची कूद के इंडोर विश्व चैंपियन यूनान के दिमित्रिस चोंद्रोकुकिस डोपिंग टेस्ट में नाकाम रहने और हंगरी के डिस्कस थ्रोअर जोल्टान कोवागो को दो वर्ष का प्रतिबंधित लगने के कारण गुरूवार को ओलंपिक से हटना पड़ा जबकि मोरक्को ने विश्व इनडोर चैंपियनशिप की रजत विजेता धाविका मरियम अलाउई सेलसूली को पहले ही प्रतिबंधित कर दिया था। वाडा के अनुसार लंदन ओलंपिक की तैयारियों के दौरान पिछले छह महीने में 70000 टेस्ट किए गए हैं और इनका परिणाम निकालने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है तथा खेलों के महाकुंभ के दौरान प्रदर्शन बढ़ाने वाली आम दवाओं, ह्यूमैन ग्रोथ हार्मोन ड्रग, की पहचान के लिए अधिक कारगर टेस्ट किए जाएंगे लेकिन इसके बावजूद डोप के मामलों की रफ्तार कम नहीं पड़ रही है। हालांकि वाडा ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया कि ओलंपिक में एथलीट डोप का सहारा नहीं लेंगे। एजेंसी का कहना है कि डोपिंग रोकने के लिए उसके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। वाडा का बयान मोरक्को द्वारा सेलसूली को प्रतिबंधित डाईयूरेटिक के सेवन का दोषी पाए जाने के बाद ओलंपिक के लिए प्रतिबंधित करने के तुरंत बाद आया था। लगभग इसी समय में अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ ने डोपिंग के कारण नौ एथलीटों को प्रतिबंधित कर दिया था। इन एथलीटों को एथलीट बायोलाजिकल पासपोर्ट कार्यक्रम की मदद से पकड़ा गया। इन संस्थाओं की अतिसक्रियता के बावजूद डोपिंग लेने वाले बेखौफ हैं और इसका सबूत हैं कि नामी गिरामी एथलीट डोपिंग मामलों में पकडे जा रहे हैं। गुरूवार का घटनाक्रम ओलंपिक के लिहाज से बेहद सनसनीखेज रहा। हंगरी के कोवागो को खेल मध्यस्थता अदालत कैस ने डोपिंग उल्लंघन के कारण दो वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिया जबकि चोंद्रोकुकिस डोपिंग टेस्ट में नाकाम रहने के बाद ओलंपिक से हट गए।