18 February 2019



प्रादेशिक
बर्खास्त विधायक फिर से बहाल
27-07-2012

  मध्यप्रदेश विधानसभा ने 27 जुलाई को देश की संसदीय परंपराओं में नया इतिहास रच दिया।  विधानसभा ने सर्वसम्मति से विगत 18 जुलाई को बर्खास्त किए गए कांग्रेस के दो विधायकों चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और डॉ.कल्पना परुलेकर को बहाल कर दिया ।
अब मध्यप्रदेश विधानसभा देश में ऐसी विधानसभा हो गई है जिसमे किसी विधायक को बर्खास्त करने के बाद औऱ उसके स्थान की रिक्ति की सूचना चुनाव आयोग को देने के बाद पुनः बर्खास्त विधायकों की सदस्यता बहाल की गई औऱ चुनाव आयोग को पत्र लिखकर यह कहा गया है कि चौधरी राकेश सिंह तथा कल्पना परुलेकर की सीट पर उप चुनाव न कराए जाएं।  
विधान सभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने कहा कि आज का यह फैसला आने वाले समय में लोकसभा और अनेक विधानसभाओं का पथ-प्रदर्शन करेगा। मध्यप्रदेश विधानसभा के बर्खास्त विधायकों को वापस लेने के लिए बुलाया गया यह विशेष सत्र केवल 5 मिनट चला और उस पर जनता की गाढ़ी कमाई के लगभग दो करोड़ रुपए खर्च हुए।आम जनता में सवाल यह है कि पहले तो जल्दबाजी में विधायकों को बर्खास्त किया और बाद में उन्हें बहाल करने के नाम पर जनता के पैसों की बलि क्यों चढ़ाई गई। इस पूरे मामले में कांग्रेस अब राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी और बीजेपी के ठेकेदार दिलीप सूर्यवंशी व अन्य के खिलाफ तहसील स्तर पर आंदोलन करेगी। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का कहना है कि बर्खास्त विधायकों को वापस लेकर बीजेपी ने अपनी गलती को सुधारा है । वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि दोनों विधायकों ने माफी मांगी थी नेता प्रतिपक्ष व विधानसभा उपाध्यक्ष खुद उनके पास आए थे इसीलिए विधायकों की बहाली के लिए कदम उठाए गए। संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस एपीसोड को लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।