15 February 2019



राष्ट्रीय
सूबे में जारी हिंसा का ठीकरा फोड़ा केंद्र के सिर
28-07-2012
नई दिल्ली/कोकराझार(असम). असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने अपने सूबे में जारी हिंसा का ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ दिया है। मीडिया से बातचीत करते हुए गोगोई ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों को राज्य में आने में 4 दिन लग गए। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा बल समय से आ जाते तो शायद दंगों को काबू में किया जा सकता था। गोगोई के मुताबिक केंद्र ने उनके ऐतराज के बावजूद सुरक्षा बलों की तादाद को घटाया था। गोगोई ने एनडीए की भी आलोचना करते हुए लालकृष्ण आडवाणी पर सवाल उठाया। गोगोई ने कहा कि असम में जारी हिंसा को सांप्रदायिक दंगा नहीं कहा जाना चाहिए। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गोगोई के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है कि जिस दिन गोगोई ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग की है, उसके अगले दिन ही फोर्स वहां पहुंच गई थी। असम में पिछले कई दिनों से जारी हिंसक घटनाओं का सिलसिला शुक्रवार को भी थमा नहीं है। बोंगाईगांव के डूरामारी गांव में बने राहत शिविर में दो दिन पहले आग लगने की बात सामने आई है। उस दौरान हुई हिंसा में एक महिला को गोली भी मारी गई थी। कोकराझार में कब्र से 16 शव निकाले गए हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि कब्र में जिन लोगों के शव पाए गए हैं, उनकी मौत दंगे के दौरान हुई है या नहीं। सूबे में जारी हिंसा को लेकर सूबे की कांग्रेस सरकार ही कठघरे में आ गई है। हिंसा में मरने वालों की संख्या 44 हो गई है।