15 February 2019



राष्ट्रीय
तिवारी की अब बढेगी कानूनी मुश्किलें
28-07-2012

नई दिल्ली। आखिरकार रोहित शेखर को वह हक मिल ही गया जिसके हकदार वह जन्म से हैं। अपने नाम के आगे अपने पिता का नाम लगाने का हक। अब वह डंके की चोट पर अपने नाम के आगे कांग्रेस नेता एनडी तिवारी का नाम लगा पाएंगे। शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में तिवारी की डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के बाद अपनी जीत से उत्साहित रोहित ने कहा कि अब मैं किसी की नाजायज औलाद नहीं रहा। अब मुझे कांग्रेस नेता के नाम का इस्तेमाल करने का पूरा हक है। आज मेरे सिर पर से कई सालों का बोझ हल्का हो गया। मेरी लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है। अब मैं अपने सभी कानूनी हक प्राप्त करके रहूंगा।कोर्ट में बुजुर्ग काग्रेसी नेता एनडी तिवारी के बेटे करार दिए गए रोहित शेखर बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के बड़े फैन हैं और उनकी सभी फिल्में देखते हैं। उन्होंने कहा कि वह अमिताभ की 'त्रिशूल' फिल्म लगातार देखते रहे। इस फिल्म के उस डायलॉग ने उनके जीवन पर बड़ा असर डाला, जिसमें अमिताभ संजीव कुमार से कहते हैं, 'तुम मेरे नाजायज बाप हो। रोहित बताते हैं कि उन्हें महसूस होता है, जैसे यह फिल्म उनकी कहानी बया करती है और वह कल्पना करते हैं कि वह तिवारी से यही डायलॉग बोल रहे हैं।'रोहित कहते हैं कि एनडी तिवारी उनके नाजायज बाप हैं। वह कहते हैं, कोई भी मासूम नाजायज कैसे हो सकता है, नाजायज तो वह बाप होता है जिसने बच्चे को पैदा किया। तिवारी की कानूनी मुश्किलें तो अब शुरू होने वाली हैं। मैं अपने हर कानूनी अधिकार लूंगा। मा के साथ हुए अन्याय की कीमत चुकानी होगी। रोहित का कहना है कि लोग तो जायज औलाद का हक पाने के लिए लड़ते हैं, लेकिन दुनिया के शायद वह इकलौते शख्स हैं, जो खुद को जायज औलाद घोषित कराने के लिए अदालत पहुंचे। वह दुनिया को बताना चाहते थे कि एनडी तिवारी ही उनके पिता हैं। रोहित के मुताबिक बचपन बीतने के बाद जब वह बड़े हो रहे थे तो अक्सर अपनी मा पर बरस पड़ते थे कि उन्होंने उनका जीवन बर्बाद कर दिया।