19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
बशर अल-असद सरकार का खात्मे का वक्त
28-07-2012

ओस्लो। सीरिया में इतने दिनों से जारी हिंसा को लेकर संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक मिशन के पूर्व प्रमुख ने कहा कि अब बशर अल-असद सरकार खात्मे का वक्त आ गया है, लेकिन इससे सीरिया में जारी नरसंहार का अंत होगा या नहीं इसको लेकर अभी भी शंका बनी हुई है।दमास्कास में पिछले दो सप्ताह से अपने मिशन पर गए जनरल राबर्ट मूड ने कहा कि असद सरकार के खात्मे का मतलब यह नहीं है कि सीरिया में हिंसा का अंत हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि असद सरकार की क्षमता के खत्म हो जाने से सीरिया की सभी मुश्किलें खत्म नहीं होंगी। बल्कि ऐसा भी हो सकता है कि इसके बाद सीरिया को एक बड़ी परेशानी से गुजरना पड़े।सीरिया में हिंसा का दौर अब भी जारी है। इस बीच सीरिया में सरकारी फौज ने उत्तरी शहर अलेप्पो पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों पर भारी मशीनगन से बमबारी की जा रही है।उधर, अमेरिका को डर है कि सीरिया की फौजें नरसंहार की तैयारी कर रही हैं। हालाकि विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया न्यूलैंड ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका सीरिया के किसी भी मामले में किसी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।वहीं, संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार संस्था की कमिश्नर नवी पिल्ले ने भी सीरिया की रणनीति पर चिंता जताते हुए कहा कि सीरिया किसी बड़े युद्ध की तैयारी में हैं, इससे आस-पास के शहरों को भी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने सीरिया में सेना व विद्रोहियों दोनों पक्षों से शांति कायम रखने की अपील भी की है।उधर, सीरिया के अलेप्पो में बहुत बड़ी जंग शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। असद किसी भी कीमत पर अलेप्पो पर अपना कब्जा नहीं छोड़ेंगे। ऐसे में वह अलेप्पो पर सत्ता कायम रखने की पूरी कोशिश करेंगे। इसलिए पिछले कुछ दिनों से शहर में हथियार और उपचार सामग्री जमा किए जा रहे है, ताकि एक बड़े नरसंहार को अंजाम दिया जाए।