19 February 2019



खेलकूद
खेलों के महाकुभं का भव्य आगाज
28-07-2012

लंदन। खेलों के महाकुभं ओलंपिक-2012 का शुक्रवार मध्य रात्रि को उल्लासपूर्ण महौल व जगमगाती रोशनी में लंदन के ओलंपिक पार्क स्टेडियम में भव्य आगाज हुआ। उद्घाटन समारोह में सैकड़ों कलाकारों ने ब्रिटिश इतिहास, कला और संस्कृति की शानदार झलक पेश की। इस भव्य नजारे का वहां मौजूद हजारों दर्शकों ने आनंद लिया वहीं दुनियाभर में एक अरब से ज्यादा लोग अपने टीवी सैट्स के माध्यम से इस उत्सव के गवाह बने। पृथ्वी पर होने वाले इस सबसे बड़े आयोजन के शुभारंभ समारोह में एक प्राचीन ब्रितानी गांव को दर्शाया गया। टूर डी फ्रांस के पहले ब्रितानी विजेता ब्रैडली विग्गिन्स के बेल बजाने के साथ ही समारोह की शुरूआत हुई। समारोह में ब्रितानी समाज में हुए ऎतिहासिक विकास की झांकियां प्रस्तुत की गई। ग्रामीण समाज से लेकर औद्योगिक क्रांति के बाद के ब्रिटेन में आए बदलाव को दिखाया गया। शुभारंभ समारोह का नाम आयल्स ऑफ वंडर रखा गया। समारोह चर्चित फिल्म स्लमडॉग मिलिनेयर के निर्देशक डैनी बॉयल की देखरेख में हुआ। इसके बाद शुरू हुआ भारतीय नरेगा की तरह अंग्रेजो के लिए सबको स्वास्थ्य की गारंटी देने वाली "नेशनल हेल्थ सर्विस" का हिस्सा, जिसकी विशेषता यह थी कि उसमें मरीजों से लेकर डॉक्टर तक वास्तविक थे। बच्चों के इलाज के सीन के साथ ही उद्घाटन समारोह बच्चों के साहित्य पर चला गया। इसमें बताया गया कि बच्चों के लिए पढ़ना-लिखना कितना जरूरी है। और वह किसी भी मायने में आजादी से कम नहीं है। परंपरा के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख जाक रोखे ने ब्रिटेन की महारानी का स्वागत किया। ओलंपिक में भाग लेने वाले देशों का मार्च पास्ट हुआ जिसमें 204 देशों के एथलीट हिस्सा शामिल हुए।अब 204 देशों के 10500 एथलीट पदकों के लिए 17 दिन तक अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाएंगे। पदकों के लिए इस बार भारत की उम्मीदें भी कुछ ज्यादा हैं। इन पर रहेंगी 121 करोड़ भारतीयों की निगाहें - भारोत्तोलन सोनिया चानू, महिला 48 किग्रा, प्रसारण: रात आठ बजे (भारतीय समयानुसार)- निशानेबाजी विजय कुमार, 10 मीटर एयर पिस्टल, क्वालीफिकेशन प्रसारण: शाम साढ़े चार बजे, फाइनल: आठ बजे (भारतीय समयानुसार)उम्मीदों पर खरा नहीं पहला दिन -ओलंपिक में भारत का आगाज अच्छा नहीं रहा। लॉड्र्स क्रिकेट मैदान में ओलंपिक महिला तीरंदाजी टीम की खराब शुरूआत हुई। टीम रैंकिंग राउंड में नौवें स्थान पर रही। दुनिया की नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी, लैशराम बोम्बाल्या देवी और चेकरोवेलू स्वुरो की तिकड़ी 1938 के कुल स्कोर के साथ 12 टीमों में नौवें स्थान पर रही। व्यक्तिगत स्पर्घा में दीपिका 662 अंक जुटाकर आठवें स्थान पर रहीं।पहले हाफ के बाद दीपिका 327 अंक जुटाकर 18वें स्थान पर थीं, लेकिन दूसरे हाफ में वे 335 अंक जुटाकर दूसरे स्थान पर पहंुच गईं, लेकिन अंत में आठवें स्थान पर रहीं। बोम्बाल्या व्यक्तिगत स्पर्घा में 22वें, स्वुरो 50वें स्थान पर रहीं। पुरूष तीरंदाजी टीम रैंकिंग राउंड में 12वें स्थान पर रही। जयंत तालुकदार, तरूणदीप राय और राहुल बनर्जी की तिकड़ी ने 1969 अंक का स्कोर बनाया। गत चैम्पियन कोरिया ने 2087 के स्कोर से विश्व रिकॉर्ड तोड़ा और रैंकिंग में टीम पहले स्थान पर रही।