15 February 2019



राष्ट्रीय
अन्ना के आंदोलन में आई जान
30-07-2012

नई दिल्ली। अन्ना हजारे अपने करीबी सहयोगियों की अपील को नजरंदाज करते हुए रविवार को टीम के तीन सदस्यों के साथ अनिश्चितकालीन अनशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में भटकाव नहीं आया है, बल्कि सरकार अपना दिशा भटक गई है। जंतर-मंतर पर लोगों की जबर्दस्त उपस्थिति के बीच 74 वर्षीय अन्ना सुबह अनशन स्थल पहुंचे। उनके पहुंचते ही लोगों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम, इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। अन्ना ने कहा कि मेरे सहयोगियों ने स्वास्थ्य कारणों से मुझे अनशन पर नहीं बैठने की सलाह दी, लेकिन जब 400 से अधिक लोग अनशन पर बैठे हों, तब मैं इन्हें नजरंदाज नहीं कर सकता और खुद को अनशन से दूर नहीं रख सकता।अन्ना ने कहा, मैं अनशन पर बैठ रहा हूं और यह मान रहा हूं कि मुझे इसके लिए आपकी अनुमति है। जब अन्ना अनशन पर बैठने की घोषणा कर रहे थे, तब कुछ लोग उनसे ऎसा नहीं करने का आग्रह कर रहे थे। उनका कहना था कि अन्ना का जीवन बहुमूल्य है और उनके नेतृत्व की जरूरत है। अन्ना ने इसके बाद माइक्रोफोन उठाया और कहा, जब तक हमें जन लोकपाल नहीं मिल जाता, तब तक देशवासी मुझे मरने नहीं देंगे। अन्ना ने लोकपाल से आगे बढ़कर समग्र क्रांति की हुंकार भी भरी। अन्ना ने कहा कि अब सिर्फ लोकपाल नहीं समग्र परिवर्तन लाना है। लोकपाल तो लाना ही है।दीवार गंदा करने का खेद -अन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन लोगों के गुस्से का परिणाम है, साथ ही वहां दीवार को गंदा किए जाने की घटना के लिए खेद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि दीवार पर लिखे गए नारे निचले स्तर के हैं। हम ऎसा कदम उठाने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि लोग हमारे कार्यो को देख रहे हैं।आमिर को न्योता -टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने कहा, असल सत्यमेव जयते जंतर-मंतर पर चल रहा है, इसलिए वह अभिनेता आमिर खान से यहां आने की अपील करती हैं। रविवार को अनशलस्थल पर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसमें सभी उम्र वर्ग के लोग शामिल थे।केजरीवाल की पुस्तक का विमोचन -अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल की पुस्तक "स्वराज" का विमोचन भी किया।जंतर-मंतर पर पहुंचे सैकड़ों लोग -दिल्ली में हुई बारिश की तरह ही जंतर-मंतर के मौसम में भी रविवार को बदलाव नजर आने लगा है। एक वक्त तो हालात ऎसे हो गए कि धरनास्थल पर तिल रखने की जगह नहीं बची। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस और टीम अन्ना के सैकड़ों की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं को मशक्कत करनी पड़ी।हालांकि, बड़ी संख्या में होने के बावजूद लोग काफी संयमित व्यवहार करते नजर आए। कुछ लोग खुद ही आगे आकर धरनास्थल पर फैले हुए कचरे और पानी की थैलियों को चुनकर कूड़ेदान में डाल रहे थे। पूरा माहौल कुछ इस तरह बदल गया कि अनेक बार पुलिस को लोगों के अनशनस्थल की ओर जाने पर प्रतिबंध लगाना पड़ा। पुलिस ने जनपथ और संसद मार्ग पर भी गाडियों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।ले लो कालेज से छुट्टी -टीम अन्ना ने कालेज छात्रों से एक सप्ताह की छुट्टी लेकर सड़कों पर उतरने का ±वान किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कालेज के युवाओं को एक सप्ताह की छुट्टी लेकर सड़कों पर उतरना चाहिए। मंच से चिपके रहने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मधुमेह होने के बावजूद वह अनशन कर रहे हैं, यह चमत्कार से कम नहीं है। यह समर्थकों की दुआओं का नतीजा है।एक अनशनकारी की हालत बिगड़ी -अनशन के पांचवें दिन तक पहुंचते-पहुंचते कई अनशनकारियों की हालत बिगड़ने लगी है। रविवार को एक अनशनकारी की तबियत खराब हो गई। उसे खून की उल्टियां शुरू हो गई। पुलिस की मदद से अनशनकारी को तुरंत राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया है।अनशन पर बैठे आईआईटी के 21 छात्र -अन्ना का असर देश के इंटेलेक्चुअल वर्ग पर साफ नजर आता है। रविवार को आईआईटी, दिल्ली और रूड़की के 21 छात्र रविवार को अन्ना के साथ अनशन पर बैठे। आईआईटी के छात्र रोहित ने कहा कि वह शुरू से ही अन्ना के आंदोलन को फॉलो कर रहे हैं। जब तक यह आंदोलन चलेगा तब तक वह अनशन पर बैठेंगे।नौजवान निभा रहे वालेंटियर की भूमिका -अन्ना के आंदोलन में अनशन स्थल की व्यवस्था छात्रों ने संभाल रखी है। जंतर-मंतर पर भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर सबकी सेवा करने और देखभाल करने का काम सैकड़ों की संख्या में मौजूद वालेंटियरों ने संभाल रखा है। इनमें से अधिकतर विभिन्न कालेजों में पढ़ने वाले छात्र हैं। उनके साथ कई प्रोफेशनल भी जुड़े हुए हैं।