19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सीरिया की औद्योगिक राजधानी अलेप्पो में भीषण संघर्ष जारी
30-07-2012

अलेप्पो। सीरिया की औद्योगिक राजधानी अलेप्पो में पिछले दो दिनों से भीषण संघर्ष जारी है। रविवार को सेना ने विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में हमले तेज कर दिए। सेना के हमले तेज किए जाने से बड़ी संख्या में आम लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस बीच रविवार को देश में 168 लोग मारे गए जिनमें 94 आम लोग, 33 विद्रोही और 41 सैनिक शामिल हैं।अलेप्पो के दक्षिण पश्चिम में स्थित सलाहेद्दीन जिले में फिर गोलाबारी आरंभ हो गई है। विद्रोहियों ने शनिवार को यहां जमीनी स्तर पर हमलों का कड़ा प्रतिरोध किया था। बाब अली-नसर, बाब अल-हदीद और सिटी सेंटर के ओल्ड सिटी में भी विद्रोहियों और सेना के बीच झड़पें हुईं। दो दिन की तैयारी के बाद टैंकों और हथियार युक्त हेलिकॉप्टरों से युक्त सेना ने शनिवार को सलाहेद्दीन में जमीनी हमला शुरू किया। विद्रोहियों ने 20 जुलाई को अलेप्पो के ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा करने के बाद अपने सैनिकों को यहीं जमा किया था।ईरान पहुंचे विदेश मंत्री सीरिया के विदेश मंत्री वलीद अल-मुआलम रविवार को तेहरान पहुंचे। उनकी यात्रा की पहले से कोई निर्धारित योजना नहीं थी। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार अल-मुआलम ने ईरानी विदेश मंत्री अली अकबर सालेही से मुलाकात की।लेबनान में शरण ले रहे हैं सीरियाई नागरिक  सीरिया में छिड़े गृहयुद्ध के कारण वहां के करीब 34 हजार नागरिकों को लेबनान में शरण लेना पड़ी है। सीरिया के अन्य पड़ोसी देशों में भी शरणार्थियों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। यूएनएचसीआर के मुताबिक, लेबनान में शरणार्थी शिविरों में रह रहे 34 हजार लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। लेबनान सरकार और संयुक्त राष्ट्र राहत शिविरों में रह रहे लोगों की पूरी मदद कर रहे हैं। बयान के अनुसार, यूएनएचसीआर ने अभी तक 31596 सीरियाई नागरिकों का पंजीकरण किया है।नरसंहार की तैयारी में असद, मदद दे दुनिया विपक्षी सीरियन नेशनल काउंसिल ने राष्ट्रपति बशर अल-असद पर शहर में नरसंहार की तैयारी करने का आरोप लगाया है। उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आकस्मिक बैठक बुलाने की मांग की है। साथ ही उसने अरब भाइयोंऔर दोस्तोंविद्रोहियों को हथियार देने का आग्रह किया है। आबू धाबी में एसएनसी प्रमुख अब्देलबासेत सायदा ने कहा कि महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने के लिए विद्रोहियों को मदद की सख्त जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय शांति दूत कोफी अन्नान ने दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि सिर्फ राजनीतिक समाधान से ही इस समस्या का हल निकल सकता है।