17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सीरियन फ्री आर्मी का सत्ता हस्तांतरण का मसौदा तैयार
31-07-2012

बेरुत। सीरियाई विद्रोहियों ने सत्ता हस्तांतरण का मसौदा तैयार कर लिया है। बागियों के संगठन 'सीरियन फ्री आर्मी' ने सोमवार को इसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया के समक्ष पेश किया। मसौदे में सेना और नागरिकों की बराबर भूमिका रखी गई है। दूसरी ओर, अलेप्पो पर कब्जे के लिए तानाशाह बशर अल असद की सेना और बागियों के बीच संघर्ष और तेज हो गया है। सेना ने सोमवार को दावा किया है कि उसने अलेप्पो के एक जिले पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, विद्रोहियों ने सेना के दावे को खारिज कर दिया है। सोमवार को सेना ने विद्रोहियों पर जोरदार हवाई हमले भी किए। हिंसा के कारण लोगों ने अलेप्पो से पलायन कर जोर्डन में शरण ले लेना शुरू कर दिया है।संयुक्त राष्ट्र संघ के मुताबिक, बीते दस दिनों में दो लाख सीरियाई घर छोड़ चुके हैं। बहरहाल, विद्रोहियों की योजना के अनुसार, तानाशाह बशर अल असद की सत्ता जाने के बाद उच्च सैन्य परिषद कमान संभालेगी और एक राष्ट्रीय परिषद का गठन करेगी। राष्ट्रीय परिषद में कुल छह सैन्य और असैन्य लोग होंगे। नए संविधान के गठन का जिम्मा भी इसी परिषद पर होगा।सीरियाई विद्रोहियों ने इससे पहले अमेरिका और उसके सहयोगियों से सैन्य मदद की मांग की थी। मसौदे में असद की सत्ता उखाड़ने के लिए योजना का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि जब विद्रोह की शुरुआत हुई थी, तब बागियों के बीच तालमेल था। सभी लड़ाके अलग-अलग समूहों में लड़ रहे थे, लेकिन इन्हें एक छत्तरी के नीचे लाया जाएगा। बागियों ने मिलिट्री कौंसिल ज्वाइंट कमांड बनाने का फैसला लिया है। इसका बेस केंद्रीय शहर होम्स में होगा। ज्वाइंट कमांड की कमान कर्नल कासिम सादददिनी संभालेंगे।ध्यान रहे कि आधिकारिक रूप से सीरियन फ्री आर्मी की पूरी कमान कर्नल रियाद अल असद के पास है। वह तुर्की में शरण लिए हुए हैं और वहीं से गतिविधियां चला रहे हैं, लेकिन लड़ाकों ने उनका आदेश मानने से इन्कार कर रखा है।