19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चांद पर आज भी लहरा रहा है अमेरिकी ध्वज
31-07-2012

लंदन। पिछली बार चांद पर उतरे हुए अमेरिकी अंतरिक्ष यान को चाहे चार दशक बीत गए हों लेकिन उस समय लगाए गए अमेरिकी ध्वज आज भी वहां लहरा रहे हैं। नासा के कैमरों से ली गई तस्वीरों में देखा गया है कि ये ध्वज आज भी वहां खड़े हैं और लहरा रहे हैं। हालांकि इन ध्वजों में अपोलो-11 मिशन के दौरान लगाया गया ध्वज शामिल नहीं है। चांद पर पहुंचने के अमेरिकी मिशन को अपोलो शृंखला का नाम दिया गया था। अपोलो-11 के जरिए चांद पर पहली बार 20 जुलाई 1969 को मानव कदम पड़े थे। शृंखला का आखिरी मिशन अपोलो-17 14 दिसंबर 1972 को चांद पर गया था।विशेष कैमरों से ली गई तस्वीर इन तस्वीरों के लिए नासा ने विशेष तरीके के कैमरों का इस्तेमाल किया। चंद्र उपग्रह प्रोग्राम के जांचकर्ता मार्क रॉबिंसन के अनुसार, 'एलआरओसी तस्वीरों से यह पक्का हो गया है कि अपोलो 11 को छोड़कर सभी ध्वज खड़े हैं और प्रतिकूल मौसम में भी लहरा रहे हैं।'आर्मस्ट्रांग का लगाया ध्वज नहीं चांद पर लहरा रहे अमेरिकी ध्वजों में एक वह ध्वज शामिल नहीं है जिसे चांद पर पहला कदम रखने वाले नील आर्मस्ट्रांग ने वहां लगाया था।छह बार चांद पर उतरे अमेरिकी यान अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री छह बार चांद पर उतर चुके हैं और हर बार राष्ट्र की वैज्ञानिक और अभियांत्रिक उपलब्धि को दिखाने के लिए वहां ध्वज लगाए गए हैं। यह अमेरिकी मिशन की जीत की निशानी है।