19 February 2019



खेलकूद
अभिनव बिंद्रा नाकामी से नहीं है निराश
31-07-2012

लंदन. ओलिंपिक से बाहर हो चुके अभिनव बिंद्रा इस नाकामी से निराश नहीं हैं और वे अब आगे ध्यान लगाना चाहते हैं। बिंद्रा 10 मी एयर राइफल के फाइनल में क्वालिफाई नहीं कर सके। वे 600 में से 594 निशाने लगाकर 16 वें स्थान पर रहे।गत चैंपियन बिंद्रा ने कहा, 'जीत और हार खेल का हिस्सा है। यह मेरे लिए कठिन दिन था। इस कारण मैं कामयाब नहीं हो सका। अब मैं छोटे विश्राम के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से अपना सफर फिर शुरू करूंगा।' उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ समय में मैं बतौर खिलाड़ी ज्यादा सशक्त हुआ, लेकिन आज मैं वैसा नहीं कर सका। मैंने हमेशा अपनी ओर से अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की। मैं अपनी जिम्मेदारी समझता हूं, लेकिन सारी परिस्थितियां अपने हाथ में नहीं होती हैं।' बिंद्रा पर खर्च किए थे एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय खेल मंत्रालय ने बिंद्रा की ओलिंपिक तैयारियों को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। सरकार ने सितंबर 2011 से लेकर जुलाई 2012 तक जर्मनी में उनकी ट्रेनिंग पर एक करोड़ 31 लाख रुपए खर्च किए थे। उन्होंने 155 दिन तक ट्रेनिंग ली थी। ध्वजवाहक बनने से किया था इनकार ओलिंपिक की अपनी स्पर्धा पर ध्यान देने के कारण ही बिंद्रा ने भारतीय दल का ध्वजवाहक बनने से इनकार कर दिया था। ओलिंपिक की तैयारी के लिए बिंद्रा ने अपना सारा समय विदेशों में ट्रेनिंग में गुजारा था। बिंद्रा ओलिंपिक खेलगांव पहुंचने के बाद फिर जर्मनी अपनी ट्रेनिंग के लिए लौट गए थे। क्वालिफिकेशन में बिंद्रा का स्कोर: पहला राउंड 99, दूसरा राउंड 99, तीसरा राउंड 100, चौथा राउंड 100, पांचवां राउंड 99, छठवां राउंड 97, कुल 594 10 मीटर एयर राइफल में पहले तीन स्थान स्वर्ण पदक : एलिन जॉर्ज मॉल्दोवीनू (702.1 अंक), रजत पदक : निकोलो केप्रियानी (701.5), कांस्य पदक : गगन नारंग भारत (701.1)