19 February 2019



राष्ट्रीय
असम में सेना के काफिले पर हमला
01-08-2012

गुवाहाटी। जातीय हिंसा की आग में जल रहे असम में एक ब्‍लास्‍ट में एक जवान की मौत हो गई है, जबकि 7 घायल हो गए। दो जवानों की हालत गंभीर बनी हुई है।खबरों के मुताबिक, सेना के काफिले पर हमला किया गया है। असम के ग्वालपाड़ा जिले में मंगलवार की सुबह साढ़े दस बजे के करीब यह घटना घटी। सेना का एक ट्रक आइईडी की चपेट में आ गया। दूसरी ओर, गृहमंत्री पी चिदंबरम ने भी माना है कि असम में दंगे की हालत बिगडऩे की वजह पुलिस-फोर्स की कमी थी। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति शुरू के समय में थी। बाद में पर्याप्त बल मुहैया करा दी गई थी। चार दिन पहले असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने भी समय पर सुरक्षा बल नहीं मिलने की शिकायत की थी।असम में 19 जुलाई को दंगे भड़के थे। चिदंबरम दंगे में सबसे अधिक प्रभावित जिला कोकराझार और चिरांग का सोमवार को दौरा किया। बाद में प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 72 घंटे में कहीं से भी हिंसा की खबर नहीं है। दंगे में अब तक 56 लोग मारे गए हैं। चिदंबरम ने कहा कि सभी राहत शिविरों के लोग घर लौटना चाहते हैं। यह अच्छी बात है। चिदंबरम ने शिविर में खाना, पानी और कपड़े की कमी की खबर को गलत बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राहत कार्य के लिए पर्याप्त पैसा मुहैया कराया गया है। प्रधानमंत्री ने 300 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी है। चिदंबरम मंगलवार को धुबरी जिले का दौरा करेंगे। इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने असम के हिंसा प्रभावित इलाकों में तबाह हुए घरों के पुनर्निर्माण में केंद्र और राज्य सरकार के हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने लोगों से शांति बहाल करने की भी अपील की। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को कपड़ा, भोजन, दवाएं समेत बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। वे राज्य में एक दिन के दौरे पर थे। उन्होंने कहा, मैंने जितने भी लोगों से बात की, सभी अपने गांवों में लौटने के लिए उतावले दिखे। स्वाभाविक है कि वे सुरक्षा के साथ अपने घरों का पुनर्निर्माण भी चाहते हैं। मैंने भारत और असम सरकार की ओर से आश्वस्त किया है कि उन्हें हरसंभव सुविधा मुहैया कराई जाएगी।