22 February 2019



राष्ट्रीय
टीम अन्ना का सरकार पर निशाना
01-08-2012

नई दिल्ली। पिछले आठ दिनों से अनशन पर बैठे टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया तथा गोपाल राय की बिगड़ती सेहत का हवाला देकर दिल्ली पुलिस उन्हें जबरन धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा सकती है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को टीम अन्ना को पत्र लिखकर कहा है कि अनशनकारियों की सेहत बिगड़ती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि टीम अन्ना इन्हें किसी अस्पताल में भर्ती कराए। सूत्रों के अनुसार यदि टीम अन्ना दिल्ली पुलिस की सलाह पर अमल नहीं करती है तो पुलिस उन्हें जबरन अस्पताल ले जा सकती है।इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार मुझे जबरन उठाने की कोशिश न करे। मैं आत्महत्या करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। बलिदान देने की कोशिश कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकारी डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है इसलिए वह आज से डॉक्टरों को रिपोर्ट देना बंद कर देंगे। वहीं अन्ना हजारे ने अपने साथियों की भावना की प्रशंसा करते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक लोकपाल नहीं बन जाता, हम अनशन जारी रखेंगे। गौरतलब है कि सरकार की ओर से बयान आया था कि टीम अन्ना के लोग आत्महत्या का प्रयास कर रही है तो सरकार इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगी। अन्ना ने कहा कि अनशन करना कोई दोष तो नहीं है। हम अपने देश के लिए लड़ रहे हैं। केजरीवाल और गोपाल राय की तबीयत बुधवार को और खराब हो गई है। इन्हें किसी भी वक्त अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। डायबिटीज के मरीज केजरीवाल को बुखार है इस कारण में वह अभी अनशन के लिए जंतर-मंतर पर नहीं आए हैं। वहीं टीम अन्ना के साथ अनशन पर बैठे 17 लोगों की हालत खराब होने के चलते उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। इस बीच, केजरीवाल व गोपाल राय ने सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार उनके अनशन को जबरदस्ती तुड़वाने की कोशिश न करें। पिछले 8 दिन से अनशन पर बैठे केजरीवाल और गोपाल राय की स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है, जिसके मद्देनजर डाक्टर उनको अपना अनशन समाप्त करने की सलाह दे रहे हैं।अनशन पर बैठे केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि सरकार उन्हें गिरफ्तार करने या जबरदस्ती अस्पताल में भेजने की कोशिश न करें, यह सरकार के लिए ठीक नहीं होगा। केजरीवाल ने कहा, इस बार वह यहा से समाधान लेकर ही उठेंगे। उन्होंने कहा, आत्महत्या रोकने के कानून के तहत सरकार किसी को जबरन अनशन से उठा सकती है, लेकिन यह कानून 1860 में बना था। इसके बावजूद गाधीजी 25-25 दिन का अनशन किया करते थे। अंग्रेजों ने उन्हें कभी नहीं उठाया। केजरीवाल ने सवाल किया, तो क्या ये अंग्रेजों से भी बदतर सरकार है। हम हम यहा भ्रष्टाचार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। आत्महत्या कायर करते हैं। यहा हम बलिदान देने बैठे हैं।केजरीवाल ने कहा कि डॉक्टर भले कह रहे हों कि उनका शरीर सूख गया है, लेकिन अभी भी यह शरीर इन बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों के छक्के छुड़ाने के लिए काफी है दूसरी ओर, अन्ना भी सरकार के इस रवैये से खासा नाराज नजर आ रहे है। उन्होंने सरकार के भ्रष्ट मंत्रियों के अनशन स्थल के आस-पास आने पर भी रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि वह सरकार के भ्रष्ट मंत्रियों से कोई बातचीत नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर अब भी गौर नहीं करती है तो वह पद्मभूषण सम्मान लौटा देंगे।