17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने भारत को लश्कर के हमलों के लिए किया आगाह
01-08-2012

वाशिंगटन। अमेरिका ने दक्षिण एशिया के स्थायित्व पर लश्कर-ए-तैयबा की ओर से लगातार उत्पन्न हो रहे खतरे को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। अमेरिका ने भारत को लश्कर के हमलों के लिए आगाह भी किया है। अमेरिका ने कहा है कि आने वाले समय में लश्कर भारत और पाकिस्तान के सुधरते संबंधों खराब करने के लिए भारत में बड़ा हमला कर सकता है।आतंकवाद से निपटने से संबद्ध विभाग के समन्वयक डेनिएल बेंजामिन ने विदेश विभाग की वार्षिक आतंकवाद रिपोर्ट पेश करने के बाद पत्रकारों को इस बाबत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने को कहा है। बेंजामिन ने कहा कि अमेरिका निश्चित तौर पर मुंबई हमले से संबंधित सुनवाई में अधिक प्रगति देखना चाहता है। उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा निस्संदेह आतंकवाद को लेकर बड़ी चिंता बना हुआ है। बेंजामिन ने कहा कि उन्होंने लश्कर की ताकत में और दक्षिण एशिया को उसके द्वारा खड़ा किए गए खतरे में कोई गिरावट नहीं देखी है। विदेश विभाग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बेहतर भारत-पाकिस्तान संबंधों के विरोधी लश्कर जैसे आतंकी गुटों ने नए हमलों के जरिए संबंधों में किसी भी प्रगति को पटरी से उतारने की साजिश रची है रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीर में छिटपुट हिंसा और नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी क्षेत्र से घुसपैठ की कोशिशें भी भारत सरकार के लिए गंभीर चिंता बनी हुई है। रपट में यह भी कहा गया है कि भारत ने आतंकवाद निरोधी क्षमता निर्माण के अपने प्रयास और अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग को बढ़ाया है।जहां एक तरफ आतंकी हिंसा में हुई मौतों की संख्या 2010 की तुलना में कम हुई है, वहीं 1,000 से अधिक लोगों की मौतों ने भारत को अभी भी दुनिया का एक सर्वाधिक आतंकवाद प्रभावित देश बनाए हुए है। 2011 के दौरान मुंबई और दिल्ली में हुए आतंकवादी हमलों, तथा देश के अन्य हिस्सों में नक्सली हिंसा से यह बात और भी पुष्ट होती है कि भारत आतंकी हमलों का शिकार है।