19 February 2019



खेलकूद
कोहली की ऑधी में श्रीलंका बही
01-08-2012

कोलंबो। पार्ट टाइम गेंदबाज मनोज तिवारी [4/61] के करियर की बेहतरीन गेंदबाजी के बाद विराट कोहली [नाबाद 128] के शानदार शतक और सुरेश रैना [नाबाद 58] के साथ की गई अविजित 146 रनों की साझेदारी के दम पर टीम इंडिया ने चौथे वनडे मैच में श्रीलंका को 46 गेंदें शेष रहते छह विकेट से हराकर सीरीज पर कब्जा जमा लिया। प्रेमदासा स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में बेहतरीन फार्म में चल रहे कोहली ने 106 गेंदों में अपना 13वां शतक जमाया। वहीं रैना का पिछली छह पारियों में चौथा अर्धशतक है। दोनों ने बड़ी साझेदारी करते हुए टीम को आसान जीत दिलाई। सीरीज में 3-1 से अजेय बढ़त लेने वाली टीम इंडिया के लिए यह जीत इस मायने में खास है क्योंकि वनडे क्रिकेट में 400वीं जीत है। कोहली ने 119 गेंदों में 12 चौका व एक छक्का जबकि रैना ने 51 गेंदों में चार चौका व एक छक्का लगाया। श्रीलंका की ओर से उपल थरंगा ने सर्वाधिक 51 रनों का योगदान दिया। शीर्ष क्रम और पुछल्ले बल्लेबाजों के दम पर श्रीलंका 50 ओवर में आठ विकेट पर 251 रन बनान में सफल रहा। जवाब में भारत ने 42.2 ओवर में चार विकेट खोकर 255 रन बनाकर लक्ष्य हासिल करते हुए सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर ली। सीरीज में दूसरा शतक लगाने वाले कोहली ने इस साल वनडे में अपने एक हजार रन पूरे कर लिए हैं। कोहली ने पिछली 10 पारियों में पांच शतक ठोके हैं जबकि दो अर्धशतक भी उनके खाते में है। जवाब में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और पहले ही ओवर में लसिथ मलिंगा की बेहतरीन गेंद पर गौतम गंभीर बोल्ड हो गए। इस समय टीम का अभी खाता भी नहीं खुला था। इसके बाद वीरेंद्र सहवाग ने कोहली के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और दूसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी निभाई। लेकिन एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर एक बार फिर सहवाग खराब शॉट खेलकर कवर में स्थानापन्न खिलाड़ी को कैच थमा बैठे। सीरीज में आउट ऑफ फार्म चल रहे रोहित शर्मा मात्र चार रन बनाने के लिए नुवान प्रदीप की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद गेंदबाजी में चार विकेट चटकाने वाले तिवारी ने कोहली का कुछ हद तक साथ देने की कोशिश की लेकिन चौथे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी करने के बाद जीवन मेंडिस की गेंद पर पगबाधा हो गए। तिवारी ने 38 गेंदों में दो चौके के साथ 21 रन बनाए। 109 रन पर चार विकेट गिर जाने से टीम इंडिया पर संकट के बादल मंडराने लगे थे लेकिन कोहली ने रैना के साथ पांचवें विकेट के लिए अविजित शतकीय साझेदारी कर टीम को शानदार जीत दिला दी। दोनों ने जमकर बल्लेबाजी की। रैना ने 46 गेंदों में पचासा जमाते हुए सीरीज में लगातार दूसरा अर्धशतक ठोका। इससे पूर्व टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला सलामी बल्लेबाजों दिलशान तिलकरत्ने और उपल थरंगा ने सही साबित करते हुए 18.2 ओवर में 91 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी को तोड़ने के लिए धौनी ने कई गेंदबाज प्रयोग किए और 19वें ओवर में जाकर उन्हें सफलता मिली। अशोक डिंडा ने दिलशान को धौनी के हाथों कैच आउट कराया। दिलशान ने 48 गेंदों में 42 रन बनाए। जबकि थरंगा ने शानदार अर्धशतक लगाया लेकिन आर अश्रि्वन ने 51 रनों के निजी स्कोर पर उन्हें धौनी के हाथों स्टंप आउट करा दिया। दोहरे झटके के बाद लहिरू थिरिमने और दिनेश चंडीमल ने तीसरे विकेट के लिए 50 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से उबारने की कोशिश की। तिवारी ने चंडीमल को इरफान पठान के हाथों कैच आउट कर अपनी पहली सफलता हासिल की। अपना पहला ओवर मेडन फेंकने वाले सहवाग ने जल्द कप्तान महेला जयवर्धने को मात्र तीन रन के निजी स्कोर पर धौनी के हाथों कैच कराकर चलता किया। श्रीलंका ने चार गेंदों के अंतराल पर दो विकेट गंवा दिया। इसके बाद तिवारी ने एंजेलो मैथ्यूज [14], जीवन मेंडिस [17] और थिसारा परेरा [2] को भी आउट कर जोरदार सफलता हासिल की।