16 February 2019



राष्ट्रीय
सरकार और विपक्ष दोनों को बताया बराबर का दोषी
02-08-2012

नई दिल्ली। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष पर रहे लोगों ने टीम अन्ना से अपील की है कि वे इस बहरी सरकार के सामने अपनी जान न दें। इसकी बजाय वो देश के सामने एक बेहतर राजनीतिक विकल्प पेश करें। टीम अन्ना की माग को बिल्कुल अनसुना करने के लिए इन लोगों ने सरकार और विपक्ष दोनों को बराबर का दोषी बताया है। पिछले आठ दिन से अनशन पर बैठी टीम अन्ना से यह अपील करने वालों में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जे.एम. लिंगदोह, वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर, फिल्म अभिनेता अनुपम खेर, जस्टिस संतोष हेगड़े सहित सुप्रीम कोर्ट के कई रिटायर्ड जज शामिल हैं। इसी तरह मैगसायसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पाडे और एकता परिषद के पीवी राजगोपाल जैसे कई सामाजिक कार्यकर्ता, योगेंद्र यादव जैसे समाजशास्त्री, ईएएस सरमा जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक पदों से रिटायर्ड हुए अधिकारियों ने भी टीम अन्ना से राजनीति को नई दिशा देने की अपील की है। इन्होंने लिखित बयान जारी कर कहा है कि यह देश के लिए बेहद दुर्भाग्य की बात है कि राजनीतिक तंत्र ने टीम अन्ना की माग मानना तो दूर, इसे सुनने तक से इन्कार कर दिया है। राजनीतिक तंत्र पूरी तरह असंवेदनशील हो गया है। इन साहसी और निस्वार्थ समाजसेवियों को इसके सामने अपनी सेहत और जिंदगी दाव पर नहीं लगानी चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वराज का जो सपना देखा गया था, उसे पूरा करने के लिए इनकी बेहद जरूरत है। अपने-अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम कर समाज में अपनी सम्मानजनक स्थिति बना चुके इन लोगों ने टीम अन्ना से अपील की है कि वह इस सत्ता से अपनी उम्मीद छोड़ दे। इसकी बजाय अपनी ऊर्जा एक वैकल्पिक राजनीतिक ताकत तैयार करने में लगाए। यह ऐसी व्यवस्था दें जो लोकतात्रिक, जवाबदेह, नैतिक और अहिंसक हो और चुनावी क्राति लाने में सक्षम हो। इन शीर्षस्थ लोगों ने देश के आम लोगों से भी अपील की है कि अगर टीम अन्ना इस चुनौती को स्वीकार करती है तो वे इनका साथ देने के लिए सामने आएं। इसी तरह सभी लोकतात्रिक आदोलनों और संगठनों को भी इस परिवर्तन की ऐतिहासिक घड़ी में साथ मिल कर विकल्प देने की अपील की गई है।