19 February 2019



खेलकूद
ओलंपिक में भी हो रहे हैं मैच फिक्स
02-08-2012

लंदन। अभी तक क्रिकेट ही फिक्सिंग के लिए बदनाम था लेकिन अब ओलंपिक में भी मैच फिक्स हो रहे हैं। यह फिक्सिंग पैसों के लिए नहीं बल्कि मजबूत टीम से भिड़ने से बचने के लिए की गई। विश्व बैडमिंटन संघ ने आठ महिला बैडमिंटन खिलाडियों को फिक्सिंग के आरोपों के चलते अयोग्य करार दिया है। इनमें दक्षिण कोरिया की चार,चीन और इंडोनेशिया की दो-दो खिलाड़ी शामिल है। भारत के खेल मंत्री अजय माकन ने खिलाडियों को अयोग्य करार दिए जाने के फैसले पर कहा कि यह न केवल हमारी जीत है बल्कि यह नैतिकता की भावना की जीत है जिससे ओलंपिक ऊपर है। चीन से बचने के लिए हारी टीमें महिला डबल्स मुकाबले में चार जोडियों पर जानबूझकर मैच हारने का आरोप लगा था। इनमें से एक जोड़ी चीन,एक इंडोनेशिया और दो दक्षिण कोरिया की थी। दो मैचों में खिलाडियों ने जान-बूझकर नेट पर सर्विस की या शटल कॉक दूर फेंक दी। ऎसा इसलिए किया गया ताकि मजबूत टीम से मुकाबला न हो सके। दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया की टीम ग्रुप सी में हैं। दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है। ग्रुप में टॉप पोजीशन के लिए मैच खेले जा रहे थे। जो टीम मैच जीतती उसका मुकाबला चीन से होता। चीन दुनिया की नंबर एक टीम है इसलिए दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया की टीम चीन से मुकाबला नहीं चाहती थी इसलिए दोनों टीमें मैच हार गई। भारत ने भी की शिकायत इस बीच भारतीय बैडमिंटन संघ ने भी जापान की टीम पर फिक्सिंग का आरोप लगाया है। भारतीय बैडमिंटन संघ के अधिकारी अखिलेश दास ने बताया कि जापान की टीम चीन ताईपे से जानबूझकर हार गई ताकि उसे फेवरेबल ड्रॉ मिल सके। भारतीय बैडमिंटन संघ ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक एसोसिएशन से शिकायत की है। एसोसिएशन ने भारत की शिकायत को खारिज कर दिया है। इससे पहले बैडमिंटन प्लेयर अश्विनी पोनप्पा और उनकी जोड़ीदार ज्वाला गुट्टा ने भी जापान की टीम पर फिक्सिंग का आरोप लगाया था।