17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
भारत का फैसला पाक को अस्थिर करने की योजना का हिस्सा
03-08-2012

लाहौर। जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद और कई धार्मिक व चरमपंथी समूहों के नेताओं ने भारत द्वारा पाकिस्तान से निवेश को मंजूरी देने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि भारत का यह कदम पाकिस्तान को अस्थिर करने की योजना का हिस्सा है।सईद ने कहा है कि पाकिस्तान के नागरिकों और कारोबारियों को भारत के जाल में नहीं फंसना चाहिए। उसने दावा किया है कि पाकिस्तान के कारोबारी किसी दूसरे देश में निवेश करने की बजाय अपने देश में निवेश को तरजीह देंगे। सईद ने सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को भारत को सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा दिए जाने के खिलाफ चेतावनी भी दी है। उसने दावा किया है कि भारत पाकिस्तान का दोस्त नहीं हो सकता है और सरकार को यह बात दिमाग में रखनी चाहिए। उसके मुताबिक भारत के साथ व्यापार का मतलब पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की बर्बादी है। जमात-ए-इस्लामी प्रमुख मुनव्वर हसन ने कहा, 'भारत लगातार पाकिस्तान को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। हसन ने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के उद्योगों, कृषि और अर्थव्यवस्था को खत्म करना चाहता है ताकि देश उस पर निर्भर हो जाए।