16 February 2019



खेलकूद
मधुरा ने जताया अफसोस
03-08-2012

लंदन। 30वें ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में मार्चपास्ट के दौरान भारतीय दल में ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ नजर आई महिला मधुरा नागेंद्र ने घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए माफी मांग ली है। इस घटना के बाद भारतीय दल ने इस 'रहस्यमयी' महिला की उपस्थिति को लेकर घोर आपत्ति दिखाई थी। मधुरा ने कहा कि दल के साथ मार्चपास्ट में चलना 'एक गलत फैसला' था। एक निजी टेलीविजन समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वो एक कास्ट मेम्बर थीं और वो बिना अनुमति वहा नहीं गई थी। भारतीय अधिकारी मधुरा के मार्चपास्ट में हिस्सा लेने से नाराज थे और उन्होंने माफी की माग की थी। मधुरा ने कहा, 'मैं खिलाड़ियों के साथ चल पड़ी, ये एक गलत फैसला था, मेरे ख्याल से मैंने कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, मैं उनसे माफी मागती हूं।' बेंगलूर की रहने वाली मधुरा ने कहा, 'चारों तरफ इतना कुछ हो रहा था, हज़ारों लोग चल रहे थे, मुझे कुछ ठीक से समझ नहीं आया और नतीजतन मैंने गलत फैसला ले लिया।' हालाकि मधुरा ने ये भी कहा कि सोशल मीडिया पर हो रही उनकी आलोचना से वो 'आहत' हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे अंदर बहुत उत्साह है और अपने देश पर गर्व भी, इतनी आलोचना से मुझे धक्का लगा है, मैं आशा करती हूं कि इस घटना को माफ कर दिया जाएगा और मैं आगे बढ़ना चाहती हूं।' लंदन ओलंपिक की आयोजन समिति के प्रमुख लॉर्ड को ने कहा कि वे एक 'कास्ट मेम्बर' थी जो उत्तेजित होकर समारोह में शामिल हो गई। इस घटना के बाद लालशर्ट और नीली पेंट में ध्वज वाहक सुशील कुमार के साथ चलीं मधुरा 'वुमेन इन रेड' यानि लाल कपड़ों वाली महिला के नाम से मशहूर हो गई थी।