19 February 2019



राष्ट्रीय
टीम अन्ना' हुई भंग
06-08-2012
नई दिल्ली। अन्ना हजारे ने एलान कर दिया है कि जन लोकपाल आदोलन के लिए गठित \'टीम अन्ना\' अब भंग हो चुकी है। उन्होंने टीम अन्ना कोर कमेटी को भी भंग करने का एलान किया है। इसे चुनावी राजनीति से खुद को पूरी तरह अलग करने के अन्ना के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। जबकि टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि यह सभी की सहमति से किया गया फैसला है। अन्ना का यह एलान इसलिए खास है, क्योंकि आदोलन का औपचारिक नाम कभी \'टीम अन्ना\' रहा ही नहीं। इसके सारे कार्यक्रम \'इंडिया अगेंस्ट करप्शन\' (आइएसी) के बैनर से चलाए जाते हैं। इसके बावजूद अन्ना ने अनौपचारिक नाम से भी अपना संबंध खत्म करने का एलान कर दिया है। इस वजह से माना जा रहा है कि वे चुनावी अभियान में अपने नाम का कतई इस्तेमाल नहीं होने देना चाहते। जबकि केजरीवाल ने कहा है कि आइएसी कोर कमेटी लोकपाल पर सरकार से बातचीत के लिए बनाई गई थी। अब तय हो चुका है कि सरकार से बात ही नहीं की जाएगी। इसलिए इसे खत्म करने का फैसला किया गया है। साथ ही वे कहते हैं कि अब आदोलन के अगले चरण के लिए \'तैयारी समिति\' का गठन किया जा रहा है। इसमें पहले के मुकाबले लोगों की सहभागिता को बढ़ाने की कोशिश होगी। अन्ना ने सोमवार को अपने ब्लॉग के जरिए कहा कि जन लोकपाल कानून बनवाने के लिए टीम अन्ना का काम शुरू किया गया था। अब इसे समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने \'टीम अन्ना समिति\' को भी भंग करने का एलान किया। उन्होंने जहा एक दिन पहले अपने ब्लॉग में राजनीतिक विकल्प पेश करने को ही एकमात्र रास्ता बताया था। मगर सोमवार को उन्होंने इस पर कई तरह के गंभीर सवाल उठाए।अपने ब्लॉग में उन्होंने सवाल उठाया है कि अगर चुने जाने के बाद जन प्रतिनिधि का रवैया बदल गया तो क्या होगा। इनकी निगरानी का क्या तरीका होगा? इसी तरह उन्होंने राजनीतिक विकल्प देने को ले कर अब कई शर्त रखी हैं। उन्होंने कहा कि सिफजंतर-मंतर पर आए लोगों की राय काफी नहीं। देश में छह लाख गाव हैं। इन सभी गावों की ग्र्राम सभाएं प्रस्ताव पारित कर कहें कि वे विकल्प मागते हैं। तभी वे मानेंगे कि यह विकल्प अपनाया जा सकता है। हालाकि केजरीवाल ने कहा है कि यह सारे सवाल अन्ना ही नहीं टीम के सभी सदस्य लगातार मंच से उठाते रहे हैं।