15 February 2019



राष्ट्रीय
फिजा की मौत का राज सुलझाएगी विसरा रिपोर्ट
07-08-2012

चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन के साथ शादी करके सुर्खियों में आई अनुराधा बाली उर्फ फिजा (39) का सोमवार रात को पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टर्माटम में शव पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। फिजा की विसरा रिपोर्ट जांच के लिए भेज दी गई है। इस रिपोर्ट से ही फिजा की मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।गौरतलब है कि सोमवार सुबह अपने मोहाली स्थित आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थी। पुलिस के अनुसार फिजा की मौत चार-पांच दिन पहले हो चुकी थी। बेडरूम से उनका शव खराब अवस्था में मिला था। उससे तेज बदबू आ रही थी और उसमें कीड़े भी पड़ चुके थे। फिजा अपने आवास में अकेले रहती थीं। सियासी चमक-दमक के बीच परवान चढ़े रिश्तों के दो दिन में इस दूसरे दुखांत ने हरियाणा के राजनीति में तूफान ला दिया है, राजनीतिक दल अब इसके नफा-नुकसान का आकलन कर आवाज उठा रहे हैं।उच्च राजनीतिक महात्वाकांक्षा वाली फिजा स्वर्गीय भजनलाल के बेटे चंद्रमोहन की जुदाई को बर्दाश्त न कर पाने की वजह से काफी समय से अवसाद में थीं। इसी स्थिति में उनकी अपने पड़ोसियों से भी नहीं बन रही थी। कॉलोनी के लोगों से उनका विवाद थाने तक पहुंचा था। मारपीट में घायल होने के कारण उन्हें एक बार अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा था। लेकिन पुलिस को शव के आसपास बेडरूम में संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। मोहाली के एसएसपी जीएस भुल्लर के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। शव के पास से शराब की खाली शीशी-गिलास और सिगरेट का पैकेट मिला है।सोमवार को फिजा के आवास से तेज बदबू आने की शिकायत के बाद पुलिस घर में घुसी, तब बेडरूम में उसकी लाश मिली। फिजा ने अपने मोबाइल से आखिरी फोन अपने चाचा सतपाल को कई दिन पहले किया था लेकिन बात नहीं हो पाई थी। फिजा की शादी चंद्रमोहन से वर्ष 2008 में हुई थी, तब वह हरियाणा के उप मुख्यमंत्री थे। हरियाणा की सहायक महाधिवक्ता रहीं अनुराधा से शादी करने के लिए चंद्रमोहन ने इस्लाम धर्म ग्रहण किया और अपना नाम चांद मुहम्मद रखकर उत्तर प्रदेश के मेरठ आकर मौलवी से निकाह पढ़वाया था। उप मुख्यमंत्री की इस दूसरी शादी से हरियाणा की राजनीति में बवंडर आ गया था। प्रदेश की राजनीति के दिग्गज पिता भजनलाल ने बेटे चंद्रमोहन को अपनी राजनीतिक और पारिवारिक विरासत से बेदखल कर दिया था। लेकिन फिजा बनी अनुराधा से चंद्रमोहन का रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चल सका और वह जल्द ही अपने परिवार में वापस लौट गए। इसके बाद अनुराधा अवसादग्रस्त हो गई और उन्होंने आत्महत्या की कोशिश भी की।बसपा में शामिल होने की थी योजना भावनात्मक रूप से लगे इस झटके से उबरने के लिए अनुराधा ने एक टीवी शो में भी भाग लिया लेकिन अपने आसपास का वातावरण वह ज्यादा नहीं बदल पाई। 2009 के लोकसभा चुनाव के प्रचार में भी वह सक्रिय रही थीं। सूत्रों के अनुसार वह जल्द ही बसपा में शामिल होने वाली थीं। दो साल से नहीं था वास्ता : चंद्रमोहन हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं हरियाणा जनहित काग्रेस नेता चंद्रमोहन बिश्नोई का कहना है कि पिछले दो साल से उनका फिजा से कोई वास्ता नहीं था। वह फिजा से पहले ही अपना नाता तोड़ चुके थे। इसलिए इस प्रकरण में वह अधिक कुछ नहीं कहना चाहते।फिजा के प्रेम में देवदास बन गए थे चंद्रमोहन चंडीगढ़। अनुराधा बाली उर्फ फिजा बानो के प्रेम में चंद्रमोहन उर्फ चाद मोहम्मद देवदास बन गए थे। इन दोनों के प्रेम विवाह ने न सिर्फ राजनीतिक भूचाल लाया था बल्कि चंद्रमोहन को उप मुख्यमंत्री के पद से भी हाथ धोना पड़ा था। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के बड़े पुत्र चंद्रमोहन का प्रदेश की राजनीति में अच्छा खासा रुतबा रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में इस्लाम कबूल करने के बाद चंद्रमोहन उर्फ चाद मोहम्मद और अनुराधा बाली उर्फ फिजा बानो ने 8 दिसंबर 2008 को निकाह कर लिया था। तीन दिन बाद चाद और फिजा ने निकाह की बात सार्वजनिक की थी। उस समय चंद्रमोहन हरियाणा के उप मुख्यमंत्री थे। उनके इस फैसले के बाद न केवल हरियाणा बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ गई थी। चंद्रमोहन के पिता भजनलाल को भी उन्हें अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने का फैसला लेना पड़ा था। चंद्रमोहन अपने पिता की पहली पुण्यतिथि पर तीन जून 2012 को अपने छोटे भाई कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व वाली हरियाणा जनहित काग्रेस में वापस लौट आए हैं। हालाकि, कुलदीप बिश्नोई ने 24 जून 2009 को चंद्रमोहन को पार्टी में लेने से साफ इन्कार कर दिया था। वहीं, चाद और फिजा का प्रेम विवाह अधिक दिनों तक नहीं चल सका। करीब दो माह बाद 29 जनवरी 2009 को मलेशिया और लंदन की यात्रा से लौटे चंद्रमोहन ने न केवल फिजा से नाता तोड़ लिया था, बल्कि 29 जून 2009 को चंद्रमोहन पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए फिजा ने 33 नींद की गोलिया खाकर खुदकुशी का प्रयास भी किया था। इससे पहले 28 जुलाई 2009 को चाद धार्मिक अनुष्ठान के जरिए वापस अपने संप्रदाय में लौट आए और फिर चाद से चंद्रमोहन बिश्नोई बन गए। इस दौरान फिजा ने फिजा-ए-हिंद नामक पार्टी का गठन भी किया।जूस की दुकान पर नजरें मिलीं, धड़के दिल अनुराधा बाली उर्फ फिजा और चंद्रमोहन के रिश्ते भले ही सन 2008 में शादी के बाद सार्वजनिक हुए हों लेकिन उनके प्यार की कोपल उससे चार साल पहले 2004 में ही फूट चुकी थी। बताते हैं कि चंडीगढ़ में एक जूस की दुकान पर हुई मुलाकात से प्यार के सिलसिले की शुरुआत हुई थी। इसी दौरान हरियाणा में सहायक महाधिवक्ता के प्रतिष्ठा वाले पद पर अनुराधा की नियुक्ति हुई थी। चंद्रमोहन की जिंदगी में आई अनुराधा दूसरी महिला थीं, उसी प्रकार से अनुराधा का भी यह दूसरा रिश्ता था। सन 1995 में अनुराधा की शादी हुई थी लेकिन वह ज्यादा दिन नहीं चली थी।कब क्या हुआ -2008 की शुरुआत में चंद्रमोहन की पत्‍‌नी सीमा विश्नोई को इस प्यार की भनक लगी तो उन्होंने हंगामा किया। -2 दिसंबर, 2008 को चंद्रमोहन और अनुराधा ने मेरठ जाकर निकाह किया और नाम बदलकर चाद मुहम्मद और फिजा बानो बन गए। -8 दिसंबर, 2008 को चंद्रमोहन को उप मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया। -11 दिसंबर, 2008 को भजनलाल ने चंद्रमोहन को बेदखल कर दिया। -29 जनवरी, 2009 को चाद मुहम्मद फिजा का घर छोड़कर लंदन चले गए। -अवसादग्रस्त फिजा ने 29 जून, 2009 को आत्महत्या की कोशिश की।-28 जुलाई, 2009 को चाद फिर चंद्रमोहन बिश्नोई बन गए। -एक फरवरी, 2010 को फिजा ने चाद मुहम्मद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। -14 मार्च, 2010 को चाद मुहम्मद ने फिजा को तलाक दे दिया। -दो जून, 2010 को फिजा ने कहा, चाद का विरोध करेंगी। -15 जून, 2010 को चाद ने फिजा के घर जाकर माफी मागी। -हड्डी टूटने से कई महीने अस्पताल में रहने के बाद 21 नवंबर, 2010 को चंद्रमोहन की अपने घर में वापसी।-फिजा से प्रेम विवाह के चलते चंद्रमोहन को उप मुख्यमंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था -जुलाई, 2009 में धर्मिक अनुष्ठान के बाद अपने संप्रदाय में लौटे।