16 February 2019



राष्ट्रीय
आडवाणी के बयान पर भारी हंगामा
08-08-2012

नई दिल्ली. संसद के मॉनसून सत्र का आगाज़ हंगामे से हुआ है। लोकसभा में लालकृष्‍ण आडवाणी के बयान पर भारी हंगामा हो गया। उन्‍होंने कहा कि यूपीए-2 सरकार अवैध सरकार है। करोड़ों रुपये खर्च कर इस सरकार को बचाया गया है।आडवाणी के इतना कहते ही सत्‍ता पक्ष के लोग और ज्‍यादा शोर करने लगे। सोनिया गांधी ने भी आपा खो दिया। स्‍पीकर मीरा कुमार ने आडवाणी से बयान वापस लेने को कहा। आडवाणी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि वह 2008 में संसद में हुए विश्‍वास प्रस्‍ताव का जिक्र कर रहे हैं, यह नहीं कह रहे कि 2009 के आम चुनाव अवैध थे।स्‍पीकर की शांत रहने की अपील का सदन के सदस्‍यों पर कोई असर नहीं हुआ जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। पीएम मनमोहन सिंह ने आडवाणी के बयान को \'शर्मनाक\' और \'दुर्भाग्‍यपूर्ण\' करार दिया है। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो स्‍पीकर ने सदन को बताया कि आडवाणी ने अपनी टिप्‍पणी के लिए माफी मांग ली है। इसके बाद आडवाणी ने असम में पिछले दिनों हुई हिंसा पर चर्चा जारी रखी।आडवाणी ने कहा कि वह सरकार से इस बारे में आंकड़ें पेश करने की मांग करते हैं कि देश में कितने अवैध प्रवासी हैं। उन्‍होंने गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से इस बारे में जवाब मांगा कि सरकार बांग्‍लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए क्‍या कदम उठा रही है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने असम हिंसा पर विपक्ष के आरोपों का सदन में जवाब दिया। उन्‍होंने असम में हुई घटनाओं को दुर्भाग्‍यपूर्ण करार दिया। उन्‍होंने यह भी कहा कि अब आरोप लगाने का वक्‍त नहीं है, बल्कि साथ मिलकर काम करना चाहिए। शिंदे ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने असम हिंसा को रोकने की हरसंभव कोशिश की थी। लेकिन आडवाणी शिंदे के जवाब से संतुष्‍ट नहीं हुए।