19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
लादेन का सच सामने आने से रोक रही आइएसआइ
08-08-2012

इस्लामाबाद। एबटाबाद में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान ओसामा बिन लादेन की मौत के मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने आइएसआइ द्वारा गवाहों पर दबाव बनाने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पिछले साल दो मई को अलकायदा सरगना लादेन को अमेरिकी नेवी सील कमांडोज ने कार्रवाई के दौरान ढेर कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान में न्यायिक आयोग का गठन किया गया था। आयोग में शामिल अधिकारी ने बताया कि गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के दौरान यह बात सामने आई कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ आयोग के समक्ष पेश होने वाले गवाहों को रास्ते में रोककर उनसे पूछताछ करती है। उन्होंने बताया कि न्यायिक आयोग के प्रमुख जस्टिस जावेद इकबाल इस खबर से बेहद निराश हुए और सख्त लहजे में कहा कि गवाहों को रोकना आयोग के कार्य में हस्तक्षेप करना है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक कुछ महीनों के दौरान जांच आयोग के सामने पेश होने वाले कुछ अहम गवाहों ने बताया कि बयान देने से पहले उन्हें आइएसआइ ने तलब किया और दबाव बनाया कि वे उनके हिसाब से गवाही दें। यह मामला तब सामने आया जब एबटाबाद स्थित ओसामा बिन लादेन के ठिकाने के पास रहने वाला एक गवाह आयोग के सामने देरी से पहुंचा। आयोग के पूछने पर उस व्यक्ति ने बताया कि उसे रास्ते में आइएसआइ के अधिकारियों ने रोक लिया था। जांच आयोग के प्रमुख जस्टिस जावेद इकबाल ने इस मामले पर नोटिस लिया और अन्य गवाहों से भी इस बारे में पूछा। उन्होंने भी आइएसआइ की ओर से दबाव डाले जाने की बात कही। कुछ गवाहों ने आयोग को बताया कि आइएसआइ के अधिकारी उनसे पूछते रहे कि आयोग ने उनसे क्या पूछा और उन्होंने क्या जवाब दिया? ओसामा बिन लादेन के मौत के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि उसे लादेन की देश में मौजूदगी की जानकारी थी। इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार घरेलू मोर्चे पर भी घिर गई थी। इसी दबाव में उसे न्यायिक आयोग का गठन करना पड़ा। इस जांच आयोग ने अब तक सैंकड़ों लोगों के बयान रिकॉर्ड किए हैं, जिसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, नेता और अन्य लोग शामिल हैं। आइएसआइ गवाहों पर दबाव इसलिए बना रही है, क्योंकि लादेन को शरण देने में उसी भूमिका बताई जाती है।