19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
गुरुद्वारा गोलीकांड:हमलावर की घातक मानसिकता
08-08-2012

वाशिंगटन। अमेरिका के विस्कांसिन राज्य में गुरुद्वारे में गोलाबारी करने वाला हमलावर वेड माइकल पेज 1992 से 1998 तक सेना में रहने के दौरान भी गोरों को सर्वश्रेष्ठ मानता था और सहयोगियों को भी इसका पाठ पढ़ाता था। पेज ने रविवार को गुरुद्वारे में गोलीबारी करके छह लोगों की हत्या कर दी थी। बाद में वह पुलिस कार्रवाई में मारा गया था।उत्तारी कैरोलिना स्थित फोर्ट ब्रैग में नौंवी मनोवैज्ञानिक बटालियन में पेज केसाथ काम कर चुके फ्रेड लुकास के हवाले से स्टार एंड स्ट्राइप्स अखबार ने कहा कि वह अपने विचारों को व्यक्त करने से हिचकिचाता नहीं था। पेज ने न सिर्फ अपने शरीर पर नस्ली टैटू बनवाया था बल्कि नाजियों जैसी वॉक्सवैगन कार भी चलाता था। उसने इस नारंगी रंग की कार को लाल रंग में रंगवा दिया था। इसके पतले सफेद और काले रंग के टायरों से नाजियों के झंडे की झलक मिलती थी। लुकास ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि यह सब होने के बावजूद वह वहां रह रहा था। पेज ने लुकास के लातिन संस्कृति के प्रति लगाव के चलते उसे अपनी नस्ल को धोखा देने के लिए बुरा भला कहा था। अखबार के मुताबिक पेज के शरीर पर बने टैटू उसके कट्टरपंथी होने की सबसे बड़ी निशानी थे। 1995 में एक सैनिक पर अश्वेत दंपती की हत्या का दोष सिद्ध होने के बाद फोर्ट बैग में 21 सैनिकों को नस्लवादी पाया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने सैनिकों की जांच की थी ताकि चरमपंथ फैलाते समय किसी भी चिन्ह की पहचान की जा सके। अखबार ने कहा है कि पेज के बाएं कंधे पर बने टैटू को अधिकारी देख नहीं पाए थे। इस पर एक मंत्र लिखा था \'हमें अपने लोगों के अस्तित्व और गोरों के बच्चों की रक्षा करनी है।\' सभ्य समाज में गोलीबारी की जगह नहीं विस्कांसिन के गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टरों की संस्था ने यह बात कही है। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन [एएपीआइ] के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने कहा, \'हम सिख समुदाय के साथ हैं और अमेरिकी गुरुद्वारे पर हुए हमले की निंदा करते हैं।\'