22 February 2019



राष्ट्रीय
बन्दूक उठाने वालों की अब नहीं खैर
09-08-2012
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक बार फिर माओवादियों से हिंसा की राह छोड़ने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि बन्दूक उठाने वालों की अब खैर नहीं है। माओवादियों के गढ़ जंगल महल के बेल पहाड़ी में जनसभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भय दिखाकर कोई विकास को नहीं रोक सकता है। शांति से ही बंगाल तथा जंगलमहल में विकास होगा। जनसभा में माओवादी रवि मुर्मू ने बंदूक के साथ समर्पण किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भी जंगलमहल के कुछ इलाकों में माओवादी सक्रिय हैं। वे झारखंड और उड़ीसा से यहां आ रहे हैं। उन पर भी नजर रखी जा रही है। जंगलमहल के लोगों को सावधान करते हुए उन्होंने कहा कि वे माओवादियों की बातों में नहीं आएं, क्योंकि वे आदर्श की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। यदि आदर्श की लड़ाई लड़ते, तो कोई विरोध नहीं होता। वे हिंसा के माध्यम से जंगल पर राज करना चाहते हैं। उनके मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।समर्पण करने पर सरकारी नौकरी उन्होंने माओवादियों से अपील की कि वे समाज की मुख्यधारा में वापस लौट आएं। उनके लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था की गई है। समर्पण करने पर उनको सरकारी नौकरी दी जाएगी। जमीन और खाने के लिए दो रूपए किलो चावल दिया जाएगा।भय से नहीं आते थे वामपंथी मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि माओवाद प्रभावित बेलपहाड़ी में वाममोर्चा सरकार के मुख्यमंत्री डर से नहीं आते थे, लेकिन वे यहां आई हैं। अकेले नहीं, बल्कि राज्य सरकार के आला अधिकारियों के साथ। उनको लगता है कि चार दशक के बाद राज्य के किसी मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि वे दिल से चाहती हैं कि जंगलमहल का विकास हो। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि आपको क्या चाहिए? वे सब कुछ देने के लिए तैयार हैं। यहां रास्ता, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य हो रहा है। यहां के लोगों को पीने के लिए जल की व्यवस्था की जा रही है।युवकों को पुलिस-रेलवे में नौकरी ममता ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर जंगलमहल के 10 हजार युवकों को अब तक नौकरी दी गई है। अन्य पांच हजार युवकों को पुलिस में भर्ती किया जाएगा। सात सौ युवकों को रेलवे में नौकरी दी जाएगी। उन्होंने जब यह घोषणा की तब रेल मंत्री मुकुल राय भी मौजूद थे।बांटे गए पट्टे मुख्यमंत्री ने बेलपहाड़ी के भूमिहीन लोगों में इस दिन पट्टे बांटे। 9.8 एकड़ जमीन के पट्टे लोगों में बांटे गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की एक योजना है। इसके तहत जिनके पास जमीन नहीं है उनको घर बनाने के लिए सरकार तीन कट्ठा जमीन देगी। इस योजना के तहत ही पट्टे भूमिहीनों में बांटे गए।