22 February 2019



राष्ट्रीय
अखिलेश ने दिया स्वतंत्रता दिवस का तोहफा
09-08-2012

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा इसका उद्घाटन करने के बाद शाम से वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सौ से अधिक स्पीड पर नहीं चलने की दी सलाह। साथ ही लोगों को स्वतंत्रता दिवस के तोहफे के रूप में एक्सप्रेस वे को टोल टैक्स फ्री कर दिया गया है। यह सुविधा 15 अगस्त जारी रहेगी। वहीं बुरी खबर यह है कि उद्घाटन के तुरंत बाद ही किसान काले झंडे लेकर एक्सप्रेस वे पर जमा हो गए और रास्ता बंद कर दिया। वह सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने धमकी दी है कि वह यहां से किसी भी गाड़ी को गुजरने नहीं देंगे।इस एक्सप्रेस वे के चालू हो जाने के साथ ही अब आगरा जाने वालों के लिए यह दूरी महज दो घंटे में पूरी की जा सकेगी। ग्रेटर नोएडा से आगरा तक अंतरराष्ट्रीय तकनीक से निर्मित इस मार्ग पर शाम चार बजे के बाद आम लोग अपने वाहन दौड़ा सकेंगे।ग्रेटर नोएडा स्थित जीरो प्वाइंट पर उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया था। सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ से वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिये इसका लोकार्पण किया। समारोह स्थल पर कई बड़े आकार की स्क्रीन लगाई गई थी।शाम चार बजे एक्सप्रेस-वे आम जनता के लिए खोला जाएगा। एफ-1 बुद्ध सर्किल के अंदर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे टोल प्लाजा व सीसीटीवी कैमरे जुड़े रहेंगे। यहीं से एक्सप्रेस-वे की मॉनीटरिंग होगी।यमुना एक्सप्रेस-वे पर अधूरे 11 कार्यो को छह माह के अंदर पूरा करना होगा। यमुनाएक्सप्रेस-वे प्राधिकरण ने इसी शर्त के साथ जेपी इंफ्राटेक को कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया है। अभी मोटरसाइकिल लेन बनाने का कार्य अधूरा है। कई जगह पर अंडरपास के नीचे सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। कई जगह पर लाइटिंग की व्यवस्था नहीं है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि छह माह से पहले सभी अधूरे कार्य पूरे हो जाएंगे। यमुना एक्सप्रेस-वे के निर्माण में कुल 12,839 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसकी लंबाई 165.337 किलोमीटर और चौड़ाई 100 मीटर है। फिलहाल यह छह लेन का मार्ग है जो भविष्य में आठ लेन का हो जाएगा।कब क्या हुआ-निर्माण के लिए सात फरवरी 2003 को सरकार और जेपी समूह के बीच हुआ करार-प्रोजेक्ट के लिए भूमि हस्तातरण जुलाई 2003 में शुरू -प्रोजेक्ट से जुड़ी औपचारिकताओं की जाच के लिए जस्टिस सिद्धेश्वर नारायण की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जाच आयोग अक्टूबर 2003 में गठित -जाच आयोग ने अक्टूबर 2006 में परियोजना को दी मंजूरी-मार्च 2007 में एक्सप्रेसवे के संरेखण को अंतिम रूप दिया गया-एक्सप्रेसवे का निर्माण 2007 से शुरू हुआ-एक्सप्रेसवे के लिए यमुना एक्सप्रेसवे ने सात अगस्त 2012 को कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया एक नजर में-लंबाई-165.5 किमी-चौड़ाई-छह लेन (जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है)-लागत-तकरीबन 12 हजार करोड़ रुपये-टोल प्लाजा-तीन, इंटरचेंज-छह-वाहनों के लिए अंडरपास-70-माइनर ब्रिज-41,पेडेस्ट्रियन/कार्ट/कैटल अंडरपास-76, कल्वर्ट-183 टोल टैक्स की दर-कार, जीप व हल्के वाहन 2.10 रु. प्रति किमी.-मिनी बस व हल्के कॉमर्शियल वाहन 3.25 रु. प्रति किमी.-बस व ट्रक 6.60 रु. प्रति किमी. -भारी वाहन10.10 रु. प्रति किमी.-विशाल भारी यान12.95 रु. प्रति किमी.