18 February 2019



प्रादेशिक
ताई भड़कीं कैलाश पर संघ मनानें में जुटा
10-08-2012

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में ताई और भाई की लड़ाई भोपाल तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के नेताओं ने दोनों में सुलह कराने की कोशिशें तो की हैं लेकिन इस बार इस लड़ाई में संघ की नजर में भाई बैकफुट पर है।

मध्यप्रदेश में बीजेपी की अतंरकलह गाहे-बगाहे उभरती रहती है। मालवा की सबसे दमदार नेता सुमित्रा महाजन यानि ताई और उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय यानि भाई के बीच शीतयुद्ध तो लंबे समय से जारी है लेकिन ताजा विवाद तब हुआ जब इंदौर के एक छंटे हुए बदमाश औऱ भाई तथा उनके समर्थक रमेश मेंदोला के खास मनोज परमार ने ताई के समर्थक विधायक सुदर्शन गुप्ता पर गोली चलाने का झूठा मामला दर्ज करवा दिया। इस कांड ने तो जैसे ताई-भाई के बीच के सीज फायर को फिर से युद्ध में बदल दिया। इस कांड के बाद आग में घी डालने का काम किया कांग्रेस के मंजे हुए नेता दिग्विजय सिंह ने, जिन्होंने एक सार्वजनिक समारोह में ताई से कैलाश भाई की हकीकत जाननी चाही। बस फिर क्या था ताई उबल पड़ीं उन्होंने कहा कि आपने ही तो अपने कार्य़काल मे कैलाश को बढ़ाया था। यह बात भले ही मजाक में कही गई लेकिन ताई के इस बयान को लेकर कैलाश समर्थकों ने संघ के दरबार में अर्जी लगा दी। हालांकि ताई अब भी इसे साधारण हंसी मजाक की घटना मान रही हैं ।ताई की इस सधी हुई मुस्कराहट के पीछे की कहानी तो यही है कि घटना साधारण नहीं थी। जाहिर है जब विधायक गुप्ता पर गोली चलाने की फर्जी रिपोर्ट कराई गई तो ताई का आगबबूला होना तय था लेकिन ताई के हंसी मजाक को जब संघ की दहलीज तक पहुंचाया गया तो जाहिर है ताई भी संघ से अपनी बात कहने में कहां पीछे रहतीं। ताई -भाई के झगड़े को सुलझाने के लिए संघ के सहसरकार्यवाह सुरेश सोनी तत्काल भागे-भागे भोपाल आए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा से एकांत में संघ आफिस समिधा में मुलाकातें हुई। ताई को भोपाल बुलाया गया। ताई तो जैसे भरी बैठीं थीं। उन्होंने जो कुछ कहा उसके बाद संघ को लगा कि वाकई भाई इस बार बैकफुट पर है। संघ के नेताओं ने ताई तथा भाई के बीच यह कहकर सुलह कराई है कि अगले साल चुनाव हैं औऱ पार्टी के नेताओं के बीच विवाद न ही हो तो ठीक है। ताई इस पूरे विवाद को मीडिया के सामने बताने से कन्नी काट रही हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि उन्हें जहां कहना था, वहां कह दिया है।

संघ औऱ बीजेपी की मुश्किल यह है जिस तरह से इंदौर में गुंडागर्दी बढ़ रही है और कैलाश या रमेश जिस तरह से गुंडों का पक्ष ले रहे हैं उससे जनता में खराब संदेश जा रहा है। वहीं संघ को लगने लगा है कि बीजेपी के कुछ नेता कांग्रेस के पदचिन्हों पर चल पड़े हैं। संघ औऱ बीजेपी की समझाइश कितना काम करती है यह तो ताई औऱ भाई के अगले कदमों से पता चलेगा लेकिन इतना तय है कि इस बार ताई दमदारी के साथ यह कहने में नहीं चूक रही हैं जब पूरे मालवा में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया तो अकेली ताई ही ऐसीं थीं जो डंके की चोट पर जीत का परचम फहरा पाईं। वह भी भाई के सेबोटाज के बाद। जाहिर है संघ नहीं चाहता कि ताई के कद को कम करके आंका जाए।