19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
फ्रांस ने अवैध रोमा बस्तियां कराईं खाली
10-08-2012

पेरिस। भारत में भले ही अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी परेशानी का सबब हों, फ्रांस ने अवैध रूप से रहने वाले जिप्सियों को देश से निकालना तेज कर दिया है। गुरुवार सुबह लिल से भी पुलिस ने दो बस्तियां खाली करा लीं। इससे पहले पेरिस और ल्यों से भी अवैध बस्तियां खाली करवा ली गई थीं। करीब 240 अवैध रोमा लोगों (जिप्सियों) को विमान से पड़ोसी देश रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट भेज दिया गया है। फ्रांस की ओलांद सरकार ने इन अवैध आप्रवासियों की बस्तियों को खाली करवाने का वादा किया था। गृहमंत्री मैनुअल वाल्स ने बुधवार को कहा था कि कोर्ट के आदेश पर फ्रांस को स्वच्छ रखने के लिए ये अवैध बस्तियां हटाई जा रही हैं। इनसे फैलने वाली गंदगी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यहां रहने वाले लोग आसपास के मध्यम वर्ग समाज के स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं। बुधवार को पेरिस के पास से 160 रोमा लोगों की बस्ती उजाड़ी गई थी। रविवार को ल्यों क्षेत्र में 200 रोमा लोगों को अवैध बस्तियों से हटाया गया। रोमा अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे संगठनों ने इसका विरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रत्येक वयस्क रोमा को दिया गया 300 यूरो का मुआवजा जनता के धन की बर्बादी है। रोमा लोग यूरोपीय संघ के नागरिक हैं। इनमें ज्यादातर रोमानिया और बुल्गारिया के हैं। लेकिन फ्रांस में रहने के लिए इन्हें वर्क परमिट की जरूरत है। उन्हें यह साबित करना होता है कि उनके पास कमाने का कोई वैध जरिया है।