19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
जकारिया को टाइम, सीएनएन ने किया निलंबित
11-08-2012

वाशिंगटन। मशहूर पत्रिका टाइम और सीएनएन ने अपने स्तंभकार और टीवी प्रस्तोता फरीद जकारिया को निलंबित कर दिया है। जकारिया को पत्रिका के 20 अगस्त के संस्करणमें बंदूकों पर नियंत्रण संबंधी अपने लेख के कुछ हिस्सों को दूसरे अखबार की नकलहोने की बात मानने के बाद निलंबित किया गया है।जकारिया द्वारा लिखे गए \'द केस फॉर गन\' स्तंभ के कुछ हिस्से 23 अप्रैल को समाचार पत्र \'द न्यू यॉर्कर\' में इतिहासकार जिल लेपोरे द्वारा बंदूकों पर लिखे गए लेख सेमेल खाते हैं। इन समानताओं को रूढि़वादी वेबसाइट \'न्यूजबस्टर्स\'ने पकड़ा। जकारिया भारतीय मूल के अमेरिकी पत्रकार है। भारत में पैदा हुए 48 वर्षीय जकारिया ने शुक्रवार दोपहर एक बयान जारी कर कहा, \'मीडिया संवाददाताओं ने बताया है कि टाइम पत्रिका में छपे मेरे स्तंभ के कुछ हिस्सों में 23 अप्रैल को समाचार पत्र \'द न्यू यॉर्कर\' में इतिहासकार जिल लेपोर के छपे लेख से समानताएं है। वे सही है। मैंने बहुत बड़ी गलती की। यह एक गंभीर चूक है और इसमें पूरी तरह से मेरी गलती है। मैं जिल, टाइम में मेरे संपादक और मेरे पाठकों से खुलकर माफी मांगता हूं।\'टाइम ने कहा कि जकारिया के स्तंभ को एक महीने के लिए निलंबित किया गया है,समीक्षा लंबित है। पत्रिका के प्रवक्ता अली जेलिंको ने बताया, \'टाइम ने फरीद की माफी स्वीकार कर ली है,लेकिन उन्होंने जो किया वह हमारे स्तंभकारों के मानकों कोखराब करने वाला है।\'सीएनएन की तरह टाइम पत्रिका का संचालन करने वाली कंपनी टाइम वार्नर ने एक बयान में कहा, \'हम फरीद जकारिया के टाइम स्तंभ की समीक्षा कर रहे है, जिसके लिए उन्होंने माफी मांगी है। ब्लॉग पर प्रकाशित पोस्ट को हटा दिया गया है और जब तक इस मामले कीसमीक्षा चल रही है,उस वक्त तक सीएनएन ने फरीद जकारिया को निलंबित कर दिया गयाहै।\'इससे पहले इस वर्षजकारिया को हार्वर्ड में शुरुआती भाषण देने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। यह भाषण पूर्व में ड्यूक में दिए गए भाषण से बहुत मिलता-जुलता था।