18 February 2019



खेलकूद
लंदन ओलंपिक में हॉकी टीम का शर्मनाक प्रदर्शन
14-08-2012

मेरठ। लंदन ओलंपिक में हॉकी टीम के शर्मनाक प्रदर्शन ने देश की युवा पीढ़ी के हॉकी के प्रति बढ़ते रुझान को फिर से बैकफुट पर ला दिया है। बीजिंग ओलंपिक में क्वालीफाई न कर सकने पर टीम ने प्रसंशकों की नजर में इतना कद नहीं खोया था, जितना की लंदन ओलंपिक में अपनी दुर्गति करवाकर खोया है।विशेषज्ञों की मानें तो टीम के खेल ने देश में नई नर्सरी को उगने से पहले ही खत्म कर दिया है। रिकॉर्ड आठ बार स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का प्रदर्शन ओलंपिक में लगातार गिरता जा रहा है। इस बार तो हद ही हो गई और भारत अपना खाता भी नहीं खोल सका। बेल्जियम और फिर क्लासिफिकेशन के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों हार एक तरह से इस खेल से प्रशंसकों को और दूर करेगा ही।सालती विरासत टीम ने जब लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया तो सभी को स्वर्णिम काल की वापसी नजर आने लगी। देश का भावुक प्रशंसक पुराने इतिहास को खंगालकर खुशफहमी में खोने लगा। 80 के दशक के अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी प्रमोद बाटला ने तीन माह पहले मेरठ दौरे में बताया कि आइपीएल की तर्ज पर हॉकी लीग के लिए नई प्रतिभाएं तेजी से उभर रही हैं, और लंदन ओलंपिक में वह कांस्य पदक से नीचे कुछ मानने को तैयार नहीं थे। मैक्सिको ओलंपिक में देश के लिए खेल चुके रोमियो जेम्स ने भी टीम इंडिया को दावेदार बताया था, हालांकि उन्होंने क्वालीफाइंग दौर में कमजोर ग्रुप का फायदा मिलने की भी बात कही थी।\'हॉकी इंडिया\' का हठ मेरठ के पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रोमियो जेम्स टीम के प्रदर्शन से अवाक हैं। उन्होंने कहा कि व‌र्ल्ड हॉकी सीरीज में राइट हाफ विकास शर्मा, हाफलाइन में अर्जुन हलप्पा, विक्रम पिल्लै एवं फारवर्ड प्रभजोत सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन \'हॉकी इंडिया\' की व‌र्ल्ड हॉकी सीरीज से दूरी बनाने के तुगलकी फरमान ने बंटाधार कर दिया। इनके स्थान पर नए लड़कों मनप्रीत, उथप्पा एवं 2008 से टीम से बाहर बैठे इग्नेश टर्की को शामिल करना भारी पड़ा।जवाब दे \'हॉकी इंडिया\'बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई से चूकने की गाज इंडिया हॉकी फेडरेशन पर गिरी थी, ऐसे में \'हॉकी इंडिया\' के दावों, माइकल नोब्स की असफलता एवं भरत क्षेत्री को कप्तानी सौंपने की सफाई देनी होगी। अंतरराष्ट्रीय अंपायर वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि टीम का बेल्जियम एवं कोरिया से हारना हैरत में डालता है। इससे नई पीढ़ी का मनोबल रसातल में पहुंचेगा।