19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अफगान सरकार के प्रतिनिधियों और तालिबानियों के बीच चुपके-चुपके मुलाकत
14-08-2012

अफगान सरकार के प्रतिनिधियों और तालिबान के वरिष्ठ नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के बीच चुपके-चुपके मुलाकात की खबरें सामने आई है। मुलाकात दो महीने पहले हुई। बरादर इस समय पाकिस्तान की जेल में बंद है।मुलाकात के दौरान अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया को लेकर बातचीत हुई। अफगानिस्तान की उच्च शांति परिषद के सदस्य मोहम्मद इस्माइल कासिमयार ने बताया, ‘अफगान सरकार के अधिकारियों और अफगान दूतावास के सदस्यों ने दो महीने पहले बरादर से मुलाकात की थी। बरादर के साथ शांति वार्ता के संबंध में बातचीत की गई।सरकार के साथ शांति वार्ता में दिलचस्पी दिखाने के बाद अफगान सरकार ने पाकिस्तान से बरादर को रिहा करने के लिए कहा है।पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने भी इस मुलाकात की पुष्टि की है। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान शांति प्रक्रिया को लेकर अफगानिस्तान के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहा है। अफगान अधिकारियों के अनुसार इस मुलाकात से पहले तालिबान के साथ बातचीत में मध्यस्थता करने से पाकिस्तान हमेशा इनकार करता रहा है। लेकिन, बरादर से मुलाकात करवाकर उसने अपने नजरिए में बदलाव के संकेत दिए हैं। इससे शांति प्रक्रिया को लेकर नई उम्मीदें बंधी है। बरादर तालिबान का दूसरा सबसे बड़ा नेता है। उसे मोहम्मद उमर का दाहिना हाथ कहा जाता है। बरादर नाम भी उसे मुल्ला उमर ने ही दिया था, जिसका मतलब भाई होता है। गिरफ्तारी के समय वह तालिबान का कमांडर था।समझौते का सूत्रधार : अफगान अधिकारियों का मानना है कि तालिबान के साथ जंग खत्म करने की दिशा में किसी भी समझौते पर पहुंचने में बरादर अहम भूमिका निभा सकता है। यही कारण है कि शांति वार्ता के विरोधी रहे बरादर के साथ चुपचाप बातचीत की गई है। उसकी ओर से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अफगान और अमेरिकी अधिकारी खासे उत्साहित हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान तालिबान के उन नेताओं से भी बातचीत की कोशिश में लगा है जो क्वेटा शूरा से हैं।