17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
दूसरी बार नाकाम हुआ हाइपरसोनिक विमान का परीक्षण
16-08-2012

वाशिंगटन। अमरीकी वायुसेना हाइपरसोनिक जेट वेवराइडर विमान का परीक्षण विफल हो गया। परीक्षण उड़ान के दौरान यह विफल होकर समुद्र में जा गिरा। अमेरिका के लिए यह एक बड़ा धक्का बताया जा रहा है। ऐसा दूसरी बार हुआ है जब इसका परीक्षण विफल हुआ है। इस विमान की रफ्तार 5795 किलोमीटर प्रति घटा थी। इस मानव रहित विमान को ध्वनि की गति से छह गुनी रफ्तार पर उड़ान भरने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ये विमान परीक्षण के दौरान नियंत्रण पंखों में खामी के चलते अपने लक्ष्य में कामयाब न हो सका और दुर्घटनाग्रस्त हो कर समुद्र में जा गिरा। अमरीकी वायुसेना के अनुसार उड़ान भरने के चंद सेकंडों के भीतर विमान दुर्घनाग्रस्त हो गया। इसे प्रशात महासागर में बी-52 बामर से छोड़ा गया था। यह दूसरा मौका है जब अमरीकी वायुसेना योजना के मुताबिक इस तकनीक का सफल परीक्षण करने में नाकाम रही है। इससे पहले वेवराइडर का जून 2011 परीक्षण किया गया था, तब भी यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा था और परीक्षण विफल रहा था। वेवराइडर परियोजना उन कई परियोजनाओं में से एक है जिनके तहत हाइपरसोनिक विमान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पेंटागन और नासा इस परियोजना का इस्तेमाल मौजूदा प्रक्षेपास्त्रों से ज्यादा तेज प्रक्षेपास्त्र बनाने में करना चाहते हैं।