19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
क्या होता अगर महात्मा गांधी ट्वीट कर पाते?
16-08-2012

पोर्ट ऑफ स्पेन। अगर ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देने के लिए महात्मा गांधी के पास इंटरनेट, स्काइप, ट्विटर, ई-मेल और फेसबुक जैसे आधुनिक संचार माध्यम उपलब्ध होते तो क्या होता? निश्चित रूप से वह इसका प्रयोग देश को और सशक्त बनाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए ही करते। संभव है इतिहास कुछ और ही होता। मंगलवार को भारत के 66वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान त्रिनिदाद और टोबैगो के संचार मंत्री जमाल मुहम्मद ने यह बात कही। गौरतलब है कि त्रिनिदाद और टोबैगो 31 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता हैं। जमाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने भारत को आजाद कराने के लिए भले ही सत्य और अहिंसा को हथियार बनाया हो पर उनकी ताकत उनके अविश्वसनीय संचार कौशल में निहित थी। 1930 और 1940 के दौरान जब संचार के साधन बेहद सीमित हुआ करते थे तब उन्होंने 30 करोड़ भारतीयों को आपस में जोड़ने का काम किया और इसी बल पर आजादी भी हासिल की।

जमाल समाज में सहिष्णुता के महत्व पर बोल रहे थे, जोकि बापू के अमोघ अस्त्रों में से एक था। इस मौके पर दीवाली नगर में \'फ्रीडम टू मार्च : रीडिस्कवरिंग गांधी थ्रू डांडी\' शीर्षक से एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। त्रिनिदाद और टोबैगो की कुल आबादी 13 लाख है, जिसमें 44 प्रतिशत भारतीय प्रवासी हैं। जमाल ने पिछले 50 वर्षो से चले आ रहे भारत व त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच मधुर संबंधों की भी प्रशंसा की। भारतीय उच्चायुक्त मलय मिश्रा और भारतीय संस्कृति परिषद के देवकीनंदन शर्मा ने भी गांधी के विचारों को अपनाने की बात कही।