19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
फोर्ट हुड हत्याकांड: दाढ़ी पर विवाद ने टाली सुनवाई
17-08-2012

वाशिगटन। अमेरिका के बहुचर्चित फोर्ट हुड हत्याकाड की सुनवाई आरोपी मेजर निदाल हसन की दाढ़ी पर विवाद के चलते रोक दी गई है। कोर्ट पहले यह फैसला करेगा कि उसे दाढ़ी रखने की अनुमति दी जाए या नहीं? मेजर हसन ने 2009 में टेक्सास प्रात के फोर्ड हुड सैन्य ठिकाने में गोलीबारी कर 13 लोगों की हत्या कर दी थी। इनमें कई सैनिक थे। मेजर हसन ने अलकायदा सरगना अनवर अल औलाकी के कहने पर इस घटना को अंजाम दिया था। बहरहाल, निदाल हसन के वकीलों का कहना है कि दाढ़ी उनके मुस्लिम होने का प्रतीक है, जबकि सेना के नियमों के अनुसार, सैनिकों को क्लीन शेव होना चाहिए। यह भी दलील दी जा रही है कि दाढ़ी के कारण गवाहों को हसन की पहचान करने में मुश्किल पेश आएगी। ध्यान रहे कि फोर्ट हुड हत्याकाड किसी भी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर गोलीबारी की सबसे गंभीर घटना थी और दोषी पाए जाने पर 41 वर्षीय मेजर हसन को मौत की सजा भी हो सकती है। वैसे, जहा तक फोर्ट हुड हत्याकाड की सुनवाई की बात है तो यह पहले भी कई बार टाली जा चुकी है। मेजर हसन सबसे पहले टेक्सास सैन्य परिसर में सुनवाई के लिए जून में पेश हुए थे और तब उन्होंने दाढ़ी रखी थी। इसके बाद उन्हें बुधवार को अपनी दलील पेश करनी थी और सोमवार से उनके खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई शुरू होनी थी, लेकिन अब सबसे पहले उसकी दाढ़ी पर फैसला होगा। न्यायाधीश ने अभी तक मेजर हसन को अदालत में रहने की अनुमति नहीं दी है, क्योंकि उनके दाढ़ी रखने से सेना के प्रावधानों का उल्लंघन होता है। इसके लिए उसे अदालत की अवमानना का दोषी भी ठहराया जा चुका है। दूसरी ओर, मेजर हसन के वकीलों का कहना है कि उनके मुवक्किल को यह आशका है कि उसकी मृत्यु हो सकती है और निदाल का मानना है कि बिना दाढ़ी रखे मृत्यु को प्राप्त होना पाप होगा। उसका यह भी कहना है कि अगर उसकी दाढ़ी जबरन कटवाई जाती है तो यह उसकी धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन होगा। 2009 में गोलीबारी के वक्त पुलिस ने मेजर हसन को काबू करने के लिए गोली चलाई थी, जिसके बाद उसके शरीर का निचला हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था।